अभी भी प्रशासन गहरी नींद में आखिर कब खुलेगी प्रशासन की नींद....?
जावद तहसील के ग्राम रानपुर में मातम पसरा हुआ है। 2 फरवरी 2026 को जब रसोइया कंचनबाई आंगनवाड़ी के बच्चों को खाना खिलाकर हैंडपंप के पास पानी पिलाने ले गई तो उसी के सामने लगे पेड़ पर मधुमक्खियों का छत्ता था। मक्खियों ने हमला किया। कोई कुछ समझ पाता उससे पहले कंचन बाई ने अपनी साड़ी उतारी और बच्चों की तरफ दौड़ लगा दी, बच्चों को ढका। कंचनबाई ने अपनी जान देकर 20 बच्चों की जान बचाई थी। घटना के बाद से ही उक्त आंगनवाड़ी केंद्र पर ताला लगा हुआ है, वहीं गांव का हर घर शोक में डूबा है। आंनगवाड़ी केंद्र भवन की स्थिति जीर्ण—शीर्ण अवस्था में है, भवन की दीवार पर दरारें पड़ी हुई है, वहीं केंद्र के नजदीक एक हैंडपप है, जहां पर पूरा गांव इसी हैंडपंप से प्यास बुझाता है। पास में मधुमख्खियों का छत्ता होने के कारण ग्रामीण दूर कुओं से पानी लाने पर मजबूर हो रहे हैं। कंचनबाई की मौत के बाद भी इस छत्ते को अभी तक नहीं हटाने के कारण ग्रामीणों में आक्रोश है।



