कृषि सखी प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ
अशोक नगर l नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग योजनान्तर्गत वर्ष 2025-26 चयनित कृषक सखी का 05 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ कृषि विज्ञान केन्द्र अशोकनगर के सभाकक्ष में आयोजित किया गया। जिले में 10 कलस्टर हेतु 20 कृषि सखी/सामुदायिक संसाधन व्यक्ति (सी.आर.पी.) कृषि विज्ञान केन्द्र में प्रशिक्षण प्राप्त कर कलस्टर के कृषकों को अपने ज्ञान व अनुभव का उपयोग कर प्राकृतिक कृषि करने में कृषकों को जानकारी और सहायता देने में महत्वपूर्ण कार्य करायेगें। प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्राकृतिक कृषि के प्रमुख घटकों, योजना के उद्येश्य, महत्व, बीजामृत, जीवामृत, वापसा, मल्च, कीट नियंत्रण हेतु नीमास्त्र, पांच पत्ती काढ़ा, अग्निअस्त्र, ब्रहमास्त्र तैयार करने के तरीके एवं उपयोग करने की विधि कृषि वैज्ञानिकों द्वारा विस्तृत जानकारी चयनित कृषक सखियों को प्रदान की गई। प्राकृतिक कृषि अंतर्गत एक देशी गाय से 30 एकड़ भूमि की खेती की जा सकती है। देशी गाय के एक ग्राम गोबर में 300 से 500 करोड़ सूक्ष्म जीवाणु होते हैं। प्राकृतिक कृषि में कीटनाशक और रासायनिक खाद का उपयोग नहीं होता। प्राकृतिक कृषि से पैदा होने वाले उत्पादों अनाज, दाल, फल, सब्जियां सेहतमंद और पोषण युक्त भोजन मिलता है, लागत कम लगती है और उत्पाद अधिक कीमत पर विक्रय किये जा सकते हैं। मिट्टी में जैविक कार्बन की मात्रा बढ़ने से मृदा स्वास्थ्य में सुधार होता है। प्रशिक्षण में सांसद प्रतिनिधि श्री संजीव भारिल्ल एवं श्री हरिओम नायक द्वारा प्राकृतिक कृषि का प्रशिक्षण प्राप्त कर अन्य कृषकों को प्रोत्साहित करने हेतु कृषि सखियों से आवाहन किया गया। कार्यक्रम में श्री अमित सिंह उपसंचालक कृषि, डॉ. बी0एस0गुप्ता वरिष्ठ वैज्ञानिक अशोकनगर, डॉ. हेमन्त त्रिवेदी वैज्ञानिक, चयनित कृषि सखियां, एम.पी.एस.एल.आर.एम. के श्री डी.के. शर्मा एवं आत्मा के बी.टी.एम, ए.टी.एम., चयनित कृषि सखियां उपस्थित रहे।



