आलीराजपुर । विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने के लिए गांवों का विकसित एवं आत्मनिर्भर होना आवश्यक है। इसी दिशा में मध्यप्रदेश सरकार निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में आलीराजपुर जिले के प्रत्येक ग्रामीण क्षेत्र को विकसित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। यह बात कैबिनेट मंत्री श्री नागरसिंह चौहान ने गुरुवार को 25 करोड़ 91 लाख 89 हजार रुपये की लागत से बनने वाली दो महत्वपूर्ण ग्रामीण सड़कों के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान कही।

कैबिनेट मंत्री श्री चौहान द्वारा आलीराजपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बड़दला क्यारा फलिया से ग्राम खबड़ी तक 7.70 किलोमीटर लंबी सड़क का भूमिपूजन किया, जिसकी कुल लागत 12 करोड़ 62 लाख 76 हजार रुपये है। यह मार्ग क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए प्रमुख संपर्क सड़क के रूप में कार्य करेगा। इसके साथ ही सोंडवा विकासखंड अंतर्गत ग्राम फड़तला मिडिल स्कूल से थोड़सिंधी होते हुए नेवा माता मंदिर (फड़तला) तक 9.50 किलोमीटर लंबी सड़क का भी भूमिपूजन किया गया, जिस पर 13 करोड़ 29 लाख 13 हजार रुपये की लागत आएगी। दोनों सड़कें धार्मिक, शैक्षणिक एवं सामाजिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

कैबिनेट मंत्री श्री चौहान ने कहा कि सरकार ग्रामीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सड़कें केवल आवागमन का माध्यम नहीं होतीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी सृजित करती हैं। इन सड़कों के निर्माण से ग्राम आत्मनिर्भर बनेंगे, स्थानीय उत्पादों को बाजार तक बेहतर पहुंच मिलेगी और ग्रामीणों की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार गांव, गरीब और किसान के हित में लगातार कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सड़कों के निर्माण से क्षेत्र के सर्वांगीण विकास को नई गति मिलने की उम्मीद जताई गई।