बैतूल l मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव प्रदेश के किसानों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। इसी क्रम में किसानों को सोयाबीन फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए प्रारंभ भावांतर योजना मुख्यमंत्री डॉ यादव की सार्थक पहल हैं। यह बात लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित भावांतर योजना की समीक्षा बैठक में कहीं। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजा पवार,विधायक घोड़ाडोंगरी श्रीमती गंगाबाई उईकेनगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती पार्वती बाई बारस्करकलेक्टर श्री नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अक्षत जैन सहित अन्य जनप्रतिनिधिव्यापारीगण और किसान संघ के प्रतिनिधि उपस्थित रहें।

     प्रभारी मंत्री श्री पटेल ने योजना के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए योजना प्रारंभ की गई हैं। जिसमें अब पंजीकृत किसानों द्वारा कृषि उपज मंडियों में विक्रय किए जाने पर फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य तथा घोषित मॉडल मूल्य के अंतर की राशि 15 दिन के अंदर किसानों के खाते में डाली जाएगी। इस योजना का लाभ लेने के लिया किसानों को पंजीयन करवाना और अपनी उपज को विक्रय के लिए मंडी में लाना अनिवार्य हैं।

     उन्होंने कहा कि कोई भी किसान पंजीयन से वंचित न रहे। सभी 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर तक अपना पंजीयन अवश्य कराएं। उन्होंने ग्राम पंचायत स्तर तक योजना का व्यापक प्रचार प्रसार सुनिश्चित करने के निर्देश उपार्जन संबंधी अधिकारियों को दिए। उन्होंने कहा कि मंडियों में किसानों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएं। किसानों को परेशान करने वाले और उन्हें गुमराह करने वालों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाएगी। किसानों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

     कलेक्टर श्री सूर्यवंशी ने बताया कि शासन निर्देशों के अनुरूप जिले में योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की गईं हैं। उन्होंने बताया कि जिले में सोयाबीन फसल अंतर्गत रकबा 92937 हेक्टेयर। सभी किसानों को योजना का लाभ मिले इस लिए योजना का ग्राम पंचायत स्तर तक प्रचार प्रसार किया जा रहा है। जिला ,जनपद स्तर एवं मंडी स्तर पर भी अधिकारीजनप्रतिनिधीकिसान प्रतिनिधी तथा मंडी व्यापारियों की बैठके आयोजित की जा रही है। प्रमुख स्थलोंमंडी तथा पंजीयन केंद्रों पर योजना की जानकारी संबधी फ्लेक्स भी लगाए जा रहे है। जिला स्तर पर ए.डी.एम. को तथा अनुभाग स्तर पर एस.डी.एम को नोडल अधिकारी का दायित्व सौपा गया गया है। जिले में में योजना से संबधित गतिविधीयो एवं कृषकों की समस्याओं के लिये कंट्रोल रूम की स्थापना  की गई है। जिसका दूरभाष क्रमांक 07141299262 है।

       उन्होंने बताया कि मंडी स्तर पर भी कृषकों की समस्याओं के निराकरण के लिये शिकायत निवारण केन्द्र की स्थापना की गई है। कृषकों के सोयाबीन पंजीयन के साथ रकबें का सत्यापन समय पर करने के लिये एस.डी.एम और तहसीलदार को निर्देशित किया गया है। मंडी खरीदी में अनियमिता की स्थिति निर्मित ना हो इसके लिए केमरा की व्यवस्था की जा रही है। साथ ही अतिरिक्त सर्वेयर के माध्यम से एफ.ए.क्यू. कम गुणवत्ता के लाट एवं विक्रय मूल्य की जॉच के लिए पृथक सेम्पल सुरक्षित करने की व्यवस्था की जा रही है।

     उप संचालक कृषि श्री आनंद कुमार बड़ोनिया ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए कृषक का ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन अनिवार्य है। कृषक 3 अक्टूबर से 17 अक्टूबर 2025 तक अपना पंजीयन करा सकेंगे। 24 अक्टूबर 2025 से योजना में पंजीकृत कृषक द्वारा अपनी उपज का विक्रय अधिसूचित कृषि उपज मंडीयो में किया जा सकता है। बैतूल में केवल अधिसूचित कृषि उपज मंड़ी बडोरामुलताईएवं भैसदेही हैंजहां पंजीकृत किसान द्वारा अपनी उपज विक्रय करने पर ही भावांतर का लाभ मिलेगा। 

जिले में सहकारी समिति स्तर पर 56 पंजीयन केन्द्र स्थापित किए गए हैंजहां किसान पंजीयन करवा सकता है। किसान इसके अलावा ग्राम पंचायतजनपद तथा तहसील कार्यालय में स्थापित सुविधा केंद्रों पर भी पंजीयन करवा सकते हैं। ग्राहक सेवा केन्द्रएम.पी. ऑनलाईन कियोस्क पर एंव एम.पी किसान एप पर भी है कृषक पंजीयन करवा सकता है। किसानों को पंजीयन के लिए भुमि संबंधी दस्तावेजकिसान का आधार तथा आधार लिंक बैंक खाते का विवरण व मोबाईल नं. अनिवार्य होगा।

   किसान अपनी उपज मंडी में जाकर बेच सकेंगे।  एम.एस.पी से कम लेकिन मंडी मॉडल रेट से अधिक भाव प्राप्त होने पर विक्रय मूल्य और एम.एस.पी के अंतर की राशि राशि कृषक को दी जाएगी। जबकी एमएसपी और मॉडल रेट दोनो से कम भाव प्राप्त होने पर मंडी मॉडल रेट ओर एम.एस.पी के अंतर की राशि ही दी जाएगी। सोयाबीन का न्यूनतम समथन मूल्य रूपये 5328/- प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। विगत दो सप्ताह में विक्रय की गई सोयाबीन का औसत विक्रय मूल्य मॉडल मूल्य कहलाएगा जो प्रतिदिन निधारित होगा।