उज्जैन । गुजराती बागरी समाज के युवकों और कहार समाज के युवकों में रंगपंचमी की शाम जंतर-मंतर स्थित कालका मंदिर के पास पार्टी मनाने की बात पर विवाद हो गया था। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के साथ पत्थर, डंडे और पाइप से मारपीट की थी। घटना में जितेंद्र पिता जगदीशचंद्र के सिर में गहरी अंदरूनी चोट लगने पर उसकी मौत हो गई थी। हमला करने में शामिल रहे अशोक पिता शंकरलाल और उसका भाई अजय भी घायल हो गया था। नीलगंगा पुलिस ने मृतक के साथी संदीप पाल की शिकायत पर हत्या का प्रकरण दर्ज किया था। वहीं, घायल भाइयों की ओर से दर्शन सिंह की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था।मृतक जितेंद्र का पोस्टमार्टम कराया गया। दोपहर में अंतिम संस्कार के बाद कहार समाज के सैकड़ों लोग नीलगंगा थाने पहुंचे। पुलिस ने थाने का घेराव होने की खबर मिलने पर पहले ही पूरी तैयारी कर ली थी। लोगों के थाने पहुंचने पर समाज के प्रमुख लोगों ने थाना प्रभारी तरुण कुरील से चर्चा की और बताया कि साजिश के तहत जितेंद्र की हत्या की गई है, जिसकी निष्पक्ष जांच की जाए। थाना प्रभारी ने समाजजनों को निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया, जिसके बाद सभी शांतिपूर्वक थाने से रवाना हो गए।