प्रतिवर्ष इस शिविर का आयोजन जिले में किया जाएगा-मंत्री श्री पटेल

नरसिंहपुर । पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल झिरना रोड स्थित आयुष चिकित्सालय में मणिनागेन्द्र सिंह फाउंडेशन द्वारा लगाये गये नि:शुल्क ऑस्टियोपैथी दर्द निवारक चिकित्सा शिविर के तीसरे और अंतिम दिन शामिल हुए। उल्लेखनीय है कि मंत्री श्री पटेल बुधवार को भी इस शिविर में आए थे।
मंत्री श्री पटेल यहां मरीजों और उनके परिजनों से मिले, उनसे शिविर की जानकारी, उनका अनुभव और इस शिविर से उन्हें क्या लाभ मिला है यह जाना। समापन अवसर पर मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जिले के लोगों के उत्साह और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को देखते हुए प्रतिवर्ष इस शिविर का आयोजन जिले मे किया जाएगा। लोगों का स्वास्थ्य सर्वोपरि है उससे संबंधित सभी सुविधाएं उन्हें मिले यह जरूरी है आयुष परिसर में हर्बल गार्डन को विकसित किया जाए, एवं औषधीय पौधों की लिस्ट उपलब्ध कराने के निर्देश जिला आयुष अधिकारी डॉ सुरत्ना सिंह चौहान को दिए।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि आज के समय में बिना दवा और बिना ऑपरेशन के इलाज की अगर कोई विधा है तो वह हमारी भारतीय चिकित्सा आयुर्वेदिक विधा है। पहले गांव में घर के आसपास जो औषधीय उगती थी उनसे हम उपचार करते थे। हमें उनके स्थान पता होते थे अगर हमारे गांव में वह औषधि नहीं होती थी तो हम पड़ोस के गांव से लेकर आते थे।हमारे विश्वास को एक रूढ़ि मानकर उसे छोडकर हम एक भटकाव के रास्ते पर चले गए। मंत्री श्री पटेल ने बताया कि परम श्रद्धेय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में मंत्री थे उस समय आयुर्वेद के विषय में पहली बार गंभीरता से सोचा गया। भारतीय चिकित्सा पद्धति के बारे में सोचा गया।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि जोधपुर से आए डॉ नंदकिशोर पाराशर की टीम जो पिछले चार पीढ़ी से सेवा दे रही है उनको भारत सरकार ने मान्यता प्रदान की है। उनके टीम के भाव और विश्वास देखने योग्य हैं। सबसे अच्छी बात जो है कि वह कहते हम गरीबों की सेवा करने वाले हैं। उनका परोपकार का भाव है। इस तीन दिवसीय शिविर में 760 लोगों की जाँच की गई। जिस समर्पित भाव से आयुष चिकित्सालय के स्टाफ़ और जोधपुर संस्थान ने अपना सहयोग प्रदान किया है उसके लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
इस अवसर पर पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल, महंत प्रीतमपुरी गोस्वामी, श्री सरदार सिंह पटेल, श्री सुनील कोठारी, अन्य जनप्रतिनिधि, जिला आयुष अधिकारी डॉ सुरत्ना सिंह चौहान, जिला आयुष चिकित्सालय का अमला और हितग्राही मौजूद थे।