मंडला l लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने सोमवार को योजना भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में ग्रामीण रोजगार से जुड़े नए कानून विकसित भारत-जी राम जी एक्ट, 2025 की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह केवल किसी योजना का नाम परिवर्तन नहीं हैबल्कि ग्रामीण रोजगार व्यवस्था के पूरे सिस्टम में आमूलचूल परिवर्तन हैजिसमें मजदूरों की मेहनतभरोसासम्मान और स्वाभिमान को केंद्र में रखा गया है।

            मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि वीबी-जी राम जी योजना के तहत अब मजदूरी का भुगतान एक सप्ताह के भीतर करना कानूनी रूप से अनिवार्य होगा। यदि किसी कारणवश 15 दिनों के भीतर भुगतान नहीं होता हैतो मजदूरों को 0.05 प्रतिशत की दर से अतिरिक्त मजदूरी ब्याज के रूप में दी जाएगी। पहले भुगतान में देरी होने पर मजदूरों को कोई क्षतिपूर्ति नहीं मिलती थीलेकिन अब देरी करने वालों को इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी। इससे मजदूरों का भरोसा सिस्टम पर और मजबूत होगा। उन्होंने बताया कि विकसित भारत-जी राम जी एक्ट, 2025 के अंतर्गत अब 100 दिनों की बजाय 125 दिनों के रोजगार की कानूनी गारंटी दी गई है। साथ हीयदि किसी कारण से काम उपलब्ध नहीं हो पाता हैतो बेरोजगारी भत्ते के प्रावधान को और अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाया गया है। ज्यादा दिन काम का अर्थ है ज्यादा आयज्यादा सुरक्षा और ग्रामीण परिवारों के जीवन में अधिक स्थिरता।

            प्रेस वार्ता में मंत्री श्रीमती उइके ने बताया कि इस कानून की आत्मा ग्रामसभा को सशक्त बनाना है। अब गांव की जरूरत का कोई भी कार्य कराने का निर्णय ग्राम सभा द्वारा ही लिया जाएगा। इससे गांव की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुसार काम होंगे। इस अधिनियम के लागू होने से जल संरक्षणग्रामीण इन्फ्रास्ट्रक्चरआजीविका आधारित गतिविधियांप्राकृतिक आपदाओं से बचाव और सामुदायिक विकास से जुड़े अनेक कार्य गांव स्तर पर कराए जा सकेंगे।

ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण को इस कानून का एक महत्वपूर्ण आधार बताते हुए मंत्री श्रीमती उइके ने बताया कि योजना के तहत कम से कम 33 प्रतिशत कार्य महिलाओं को देना अनिवार्य किया गया है। इससे न केवल महिलाओं को रोजगार मिलेगाबल्कि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनेंगी और गांव के विकास में उनकी भागीदारी भी बढ़ेगी। मजदूरी के साथ-साथ अन्य सहायक कार्यों में भी महिलाओं के लिए पर्याप्त अवसर सुनिश्चित किए गए हैं। खेती के पीक सीजन को ध्यान में रखते हुए नए कानून में राज्य सरकारों को विशेष अधिकार दिए गए हैं। इसके अंतर्गत कटाई-बुवाई के समय अधिकतम 60 दिनों तक मजदूरों को कृषि कार्यों में लगाने के लिए अधिसूचना जारी की जा सकेगीजिससे किसानों को समय पर श्रमिक मिल सकें और कृषि कार्य प्रभावित न हों।

            प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से नए अधिनियम में प्रशासनिक व्यय को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 9 प्रतिशत किया गया है। इससे रोजगार सहायकों के वेतन भुगतान में देरी जैसी समस्याएं समाप्त होंगी और योजना का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित होगा। मंत्री श्रीमती उइके ने स्पष्ट किया कि इस अधिनियम के लागू होने से वर्तमान में कार्यरत किसी भी मनरेगा कर्मी की सेवा पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। अधिनियम की धारा 37(3) के तहत यह स्पष्ट है कि मनरेगा कर्मियों का रोजगार पूरी तरह सुरक्षित है और वही कर्मी वीबी जी राम जी का भी क्रियान्वयन करेंगे। उन्होंने बताया कि विकसित भारत जी राम जी कानून के बजट में लगभग 72 प्रतिशत की वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है। जहां पिछले बजट में 88,000 करोड़ रुपये का प्रावधान थावहीं अब इसे बढ़ाकर 1,51,282 करोड़ रूपए करने का प्रस्ताव ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा किया गया है। यह वृद्धि सरकार की ग्रामीण विकास और रोजगार के प्रति गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

            अंत में मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि वीबी जी राम जी योजना का उद्देश्य पारदर्शिताअधिक रोजगार और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है। यह योजना गरीब मजदूरों के जीवन में खुशीसुरक्षा और स्थिरता लाएगी तथा ग्रामीण विकास को नई गति देगी। उन्होंने जनता से अपील की कि विपक्ष द्वारा फैलाए जा रहे भ्रम में न आएं और तथ्यों व सच्चाई को समझें। जी राम जी सिर्फ एक योजना नहींबल्कि विकसित भारत की नई सोच और मजबूत गांवों की नींव है। प्रेसवार्ता में नगरपालिका अध्यक्ष श्री विनोद कछवाहानैनपुर नगरपालिका अध्यक्ष श्रीमती कृष्णा पंजवानीश्री प्रफुल्ल मिश्रापूर्व विधायक श्री पंडित सिंह धुर्वेश्री रोचीराम गुरवानी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं पत्रकार मौजूद रहे।