क्या इतना गुस्सा और आक्रोश कभी किसी राजनीतिक दल के खिलाफ देखा है...?
भारत की राजनीति में हमने 2014 से कई विपक्षी दलों को भाजपा के हाथों हारते देखा है। राजद, सपा, कांग्रेस, उद्धव सेना, एनसीपी, बीजद आदि आदि....
लेकिन कभी लोगों को विपक्षी नेताओं, पार्टी के सदस्यों और एक पूर्व सीएम और भतीजे को उतना तंग करते, चिढ़ाते, हँसाते और मजाक उड़ाते नहीं देखा जितना पश्चिम बंगाल के लोगों ने ममता बनर्जी, अभिषेक बनर्जी और टीएमसी पार्टी के हर कार्यकर्ता, राजनेता, या सांसद व विधायक के साथ कर रहे है ।
मिम्स बनाना, पुलों पर और पबों में नाचना, उनके घरों के सामने उनका मजाक उड़ाना, फाइल चोर, पिशी चोर वैपो चोर जैसे गानों की प्लेलिस्ट बनाना, अभिषेक बनर्जी पर थूकना.... उन्होंने सब कुछ अपने मन की भरपूर संतुष्टि के साथ किया और अभी भी नाच-गाना और जश्न मना रहे हैं।
जब आप वर्षों तक लोगों को डराकर और यातनाएँ देकर चुप्पी और समर्पण के लिए मजबूर करते हैं। तब इस आजादी और नवीनतम साहस के बाद, अगर बदतमीज और घमंडी महुआ मोइत्रा या शिवलिंग पर कं.. डोम का चित्र पोस्ट करने वाली सयोनि घोष लोकसभा चुनावों में वोट मांगने जाएंगी, तो जनता उनके साथ क्या करेगी ??
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