भोपाल l ध्यानाकर्षण में भाजपा विधायक डॉ. अभिलाष पाण्डेय ने कहा कि 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों में काबू से बाहर होती स्मार्टफोन और इंटरनेट की लत गंभीर सामाजिक और मानसिक संकट बनती जा रही है। उन्होंने कहा कि बच्चे खेलकूद, पढ़ाई, पारिवारिक संवाद और सामाजिक गतिविधियों से दूर होते जा रहे हैं। लगातार स्क्रीन पर रहने से उनके शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक और नैतिक विकास पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। अभिभावक अपने बच्चों के भविष्य को लेकर बेहद चिंतित हैं।
इस पर महिला एवं बाल विकास मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि सरकार बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को अत्यंत गंभीरता से लेती है। उन्होंने बताया कि साइबर अपराध से बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े कानूनी प्रावधान लागू हैं और एजेंसियां निरंतर कार्रवाई कर रही हैं। स्वास्थ्य और स्कूल शिक्षा विभाग के साथ मिलकर कक्षा 6 से 10 के छात्रों के लिए “उमंग मॉड्यूल” विकसित किया गया है, जिसमें मानसिक स्वास्थ्य, डिजिटल सुरक्षा और अत्यधिक स्क्रीन टाइम के नुकसान पर विशेष शिक्षण सामग्री शामिल है। सरकार संबंधित विभागों के साथ समन्वय कर बच्चों के स्क्रीन टाइम नियंत्रण और ऑनलाइन सुरक्षा के लिए और ठोस कदम उठाने की दिशा में कार्य कर रही है।