वारासिवनी में संजीवनी आपातकालीन सेवा 108 के कर्मचारियों ने एक बार फिर अपनी ईमानदारी और सेवा भावना का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। आज सुबह लगभग 10:00 बजे वारासिवनी निवासी श्री होमेश पंजरे का एंड्रॉयड मोबाइल फोन घर से दूध लेने जाते समय रास्ते में गिर गया था। उन्हें इस बात की जानकारी भी नहीं हो पाई कि उनका फोन कहां खो गया।   इसी दौरान संजीवनी 108 एंबुलेंस के कर्मचारी – इस्माइल खान, योगेश तुरकर, योगेंद्र राहगडाले और गजेंद्र पंजरे नाश्ता करने के लिए रुके हुए थे। तभी उन्हें रास्ते में पड़ा हुआ यह मोबाइल फोन मिला। कर्मचारियों ने जिम्मेदारी का परिचय देते हुए फोन को सुरक्षित रखा।

               कुछ ही देर बाद मोबाइल पर कॉल आने पर उन्होंने कॉल रिसीव कर फोन मालिक से संपर्क किया। इसके बाद होमेश पंजरे को सिविल हॉस्पिटल वारासिवनी में पहचान पत्र के साथ बुलाया गया और पूरे सम्मान के साथ उनका मोबाइल उन्हें वापस सौंप दिया गया। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस पाकर श्री पंजरे ने 108 कर्मचारियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।

              यह पहला अवसर नहीं है जब संजीवनी सेवा के कर्मचारियों ने ईमानदारी दिखाई हो। इससे पहले भी डॉ. गौरी शंकर पटले द्वारा एक मोबाइल दुकानदार का फोन से भरा बैग, जो दुर्घटना के दौरान खो गया था, सिविल हॉस्पिटल वारासिवनी में संबंधित व्यक्ति को सुरक्षित रूप से लौटाया गया था। संजीवनी आपातकालीन सेवा 108 के कर्मचारी न केवल आपातकालीन सेवाओं में समर्पित भाव से कार्य करते हैं, बल्कि समाज में ईमानदारी और मानवता की मिसाल भी पेश करते आ रहे हैं। उनकी यह पहल समाज के लिए प्रेरणादायक है और यह दर्शाती है कि आज भी ईमानदारी जीवित है।