जब एक महिला पुलिस अधिकारी की सजगता ने एक बेगुनाह को गुनहगार बनने से बचाया
भोपाल । क्राइम पेट्रोल और सावधान इंडिया जैसे टीवी सीरियल देख कर आम जनता ने उससे भले ही कुछ सीखा हो या ना सीखा हो लेकिन क्राइम करने वाले जरूर इन सीरियल से सीख रहे हैं। उनके अपराध करने का तरीका प्रोफेशनल होता है जिसे पकड़ना इतना आसान भी नहीं होता । ऐसे में यदि पुलिस अधिकारी संवेदनशील हैं, सजग हैं, तो इनकी चालाकी पकड़ में आ जाती है वरना बेगुनाह को भी जेल जाने में समय नहीं लगता। ऐसी एक घटना कुछ समय पूर्व पिपलानी पुलिस थाना ,भोपाल से सामने आई थी । वह तो लड़के का भाग्य अच्छा था ,जो वह बच गया वरना लड़की ने उसे फसाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी थी। बाग सेवनिया स्थित एक बड़े अस्पताल से सूचना किसी लड़की पर एसिड अटैक की आती है । लड़की अस्पताल में भर्ती होती है, एसिड अटैक शब्द सुनकर ही पुलिस के हाथ पैर फूल जाते हैं । लड़की के अनुसार वह रात्रि करीब 8:00 बजे मां के साथ पिपलानी सब्जी मार्केट जाने के लिए घर से निकली रास्ते में उसने मां से कहा कि पैसा और पर्स तो घर ही भूल आई ,वह वापस घर गई और उसके बाद उसके चिल्लाने की आवाज आई, उसने बताया कि दो नकाबपोश लड़के काले रंग की गाड़ी से आए थे और पीछे बैठे वाले लड़के ने मेरे ऊपर कुछ ज्वलनशील पदार्थ फेंका है, मेरे सीने में जलन हो रही है और आंखों के सामने कुछ दिख भी नहीं रहा है । में उस लड़के को पहचान गई, बाकायदा लड़की ने उस लड़के का नाम भी बता दिया और वह इस तरह एक बडे़ अस्पताल में जाकर भर्ती हो जाती है । थाने से सूचना एसीपी अदिति भावसार सक्सेना के पास आती है । वह तुरंत ही उस अस्पताल पहुंचकर पीड़ित के परिजनों से बात करती हैं और डॉक्टर से भी चर्चा करती हैं वही उस लड़की को भी देखती हैं। इसके बाद एसीपी अदिति भावसार सक्सेना समझ जाती हैं कि पीडि़ता द्वारा जो बताया जा रहा है,वह सच नहीं है। दाल में कुछ ना कुछ काला अवश्य है । वे तुरंत डीसीपी विवेक सिंह को मिनट टू मिनट की जानकारी देती हैं और कुछ समय मांगती हैं दो दिन का समय उन्हें डीसीपी द्वारा दिया जाता है। जब वह थाना प्रभारी चंद्रिका सिंह यादव और अपनी टीम के साथ तहकीकात करती है तो पूरी की पूरी कहानी ही झूठी निकलती है दरअसल वह लड़की, उस लड़के से शादी करना चाहती है और वह लड़का उससे शादी करने से बच रहा था । उसने शादी के लिए दबाव बनाने के लिए ही पूरी की पूरी कहानी की पटकथा लिखी । इस मामले में पुलिस ने कायमी भी कर ली थी । जब लड़के को पूछताछ के लिए बुलाया तो उसने सब कुछ साफ-साफ बता दिया कि जिस वक्त की घटना बताई जा रही है उस समय वह गाड़ी देखने के लिए शोरूम पर गया था और उस समय वह शोरूम पर सीसीटीवी फुटेज में भी दिखा इतना तो साफ हो गया था कि लड़की झूठ बोल रही है । जो एसिड बोतल घटनास्थल से मिली ,इस ब्रांड का एसिड उस लड़की के घर में भी पाया गया । जब लड़की से साइकोलॉजिकल treet कर पूछताछ की गई और उस लड़के ने भी कहा कि सच-सच बता दो मैं तुमसे शादी कर लूंगा । अंततः वह लड़की टूट गई और उसने सब कुछ पूरी की पूरी कहानी साफ-साफ बता दी कि वह ऐसिड में पानी मिलाकर घर से लाई थी, जो उसने थोड़ा सा अपने ऊपर फेंका । लड़की को घटनास्थल पर ले जाकर पूरी घटना का रीक्रिएशन भी कराया गया l इस मामले में स्वयं एसीपी अदिति भावसार सक्सेना ने महत्वपूर्ण evidence जुटाए अंततः मामला खारिज हो गया और इस तरह एक बेगुनाह, गुनहगार बनने से बच गया । लेकिन कुछ दिन बाद ही डायल-112 पर एक लड़की के एसिड पीने सूचना आती है ,पुलिस जब मौके पर पहुंचती है तो वो लड़की यही थी l उसके परिवार वाले ही खुद पुलिस को बताते हैं कि इसने एसिड नहीं पिया है यह झूठ बोल रही है l परिवार वाले यहां तक कहते हैं कि हम तो इसकी हरकतों से परेशान हो चुके हैं l



