मामा जी ! ये पत्र रोपवे निर्माण का सिर्फ प्रस्ताव है, अनुमति नहीं
रायसेन किले पर रोप-वे-
अनुमति लेकर आया हूं-शिवराज
बयान पर सवाल — फिलहाल सिर्फ सैद्धांतिक मंजूरी अंतिम तकनीकी अनुमति अभी बाकी
रायसेन ( हरीश मिश्र ) सांसद खेल महोत्सव के समापन अवसर पर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रायसेन किले पर प्रस्तावित रोपवे निर्माण से संबंधित भारत सरकार का अनुमति पत्र पूर्व मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी एवं भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा को सौंपते हुए कहा कि वे किले पर रोपवे निर्माण की अनुमति लेकर आए हैं।
हालांकि जारी पत्र का अध्ययन करने पर सामने आया है कि रोपवे परियोजना को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) द्वारा अभी केवल सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है। एएसआई के महानिदेशक ने किले के संरक्षित क्षेत्र में ऊपरी स्टेशन निर्माण के प्रस्ताव को सकारात्मक रूप से स्वीकार किया है, लेकिन परियोजना को अंतिम अनुमति अभी प्रदान नहीं की गई है।
एएसआई द्वारा जारी पत्र में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि रोपवे निर्माण कार्य तभी प्रारंभ किया जा सकेगा जब परियोजना को तकनीकी स्वीकृति प्राप्त हो जाएगी। साथ ही निर्माण कार्य प्राचीन स्मारक एवं पुरातात्विक स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 के प्रावधानों एवं नियमों के अधीन रहेगा।
ऐसे में “अनुमति लेकर आने” के दावे और आधिकारिक दस्तावेज में दर्ज सैद्धांतिक स्वीकृति के बीच अंतर को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि संरक्षित स्मारकों से जुड़ी परियोजनाओं में तकनीकी स्वीकृति सबसे महत्वपूर्ण चरण होती है, जिसके बिना निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जा सकता।
आधिकारिक दस्तावेज के अनुसार वर्तमान में परियोजना को केवल सैद्धांतिक स्वीकृति मिली है तथा अंतिम अनुमति की प्रक्रिया अभी लंबित है।



