भोपाल l मध्यप्रदेश पुलिस के पुलिसकर्मियों द्वारा पश्चिम बंगाल में  विधानसभा चुनाव के प्रथम चरण के अंतर्गत मतदान प्रक्रिया के बीच पीठासीन अधिकारी श्री अरूप सान्याल को अचानक हृदयाघात (हार्ट अटैक) आ गया, जिससे वे अचेत हो गए और मतदान केंद्र पर कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई। ऐसे संवेदनशील समय में वहां तैनात मध्यप्रदेश पुलिस की द्वितीय बटालियन, विशेष सशस्त्र बल (SAF), ग्वालियर के पुलिसकर्मियों ने अत्यंत तत्परता एवं सूझबूझ का परिचय देते हुए तत्काल स्थिति को नियंत्रित किया।
सहायक उप निरीक्षक (ASI) श्री वासुदेव सिंह, आरक्षक क्रमांक 75 दीपक यादव, आरक्षक क्रमांक 112 ब्रजेश कुमार एवं आरक्षक क्रमांक 976 संदीप कुमार ने बिना विलंब किए पीड़ित अधिकारी को तत्काल प्राथमिक उपचार प्रदान करते हुए सीपीआर (Cardio Pulmonary Resuscitation) प्रारंभ किया। प्रशिक्षित एवं समन्वित प्रयासों के फलस्वरूप पीठासीन अधिकारी की स्थिति में शीघ्र सुधार हुआ तथा उनकी नाड़ी एवं श्वसन क्रियाएं पुनः संचालित होने लगीं।
उक्त पुलिसकर्मियों द्वारा समानांतर रूप से चिकित्सा सहायता भी तत्काल सुनिश्चित कराई गई, जिससे पीड़ित अधिकारी को शीघ्र ही चिकित्सालय पहुंचाकर आगे का उपचार उपलब्ध कराया जा सका। इस त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई के परिणामस्वरूप एक संभावित गंभीर स्थिति को नियंत्रित करते हुए एक बहुमूल्य जीवन की रक्षा संभव हो सकी।
यह घटना मध्यप्रदेश पुलिस के मूल मंत्र “वादा वर्दी का” की भावना को वास्तविक रूप में अभिव्यक्त करती है, जिसमें हर परिस्थिति में नागरिकों की सुरक्षा एवं जीवन रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाती है। कानून-व्यवस्था के दायित्वों के साथ-साथ मानवीय मूल्यों के प्रति यह प्रतिबद्धता पुलिस बल की संवेदनशीलता एवं सेवा भावना को सशक्त रूप से परिलक्षित करती है।
उक्त पुलिसकर्मियों के इस साहसिक, सराहनीय एवं प्रेरणादायी कार्य के लिए उन्हें डीजीपी कैलाश मकवाना द्वारा नगद पुरस्कार से पुरस्कृत किया गया है l