राज्य शिक्षा केंद्र के पेपर बांटना था पर बांट दिए NCERT के पेपर...

दतिया जिले में पांचवीं कक्षा की परीक्षा में राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा छात्रों को निर्धारित प्रश्न पत्र की जगह एनसीईआरटी का पेपर दे दिया गया और जब इस सुधारने की कोशिश की गई तब फिर एक नई गलती हो गई।परीक्षा शुरू होते ही छात्रों को जब प्रश्न पत्र बांटे गए तो वो राज्य शिक्षा केंद्र के बजाय एनसीईआरटी के निकले। इससे छात्रों में हड़कंप मच गया। गलती सुधारने की जल्दबाजी में कर्मचारियों ने फिर दूसरी गलती कर दी। सेकेंड लैंग्वेज की जगह फर्स्ट लैंग्वेज का पेपर दे दिया गया।परीक्षा केंद्रों में मची इस अफरा-तफरी के बीच शिक्षाकर्मी दौड़ते भागते भी नज़र आए। पेपर सही करने की कोशिश की गई, लेकिन नई समस्या यह आई कि नए प्रश्न पत्र पर्याप्त संख्या में नहीं पहुंचे थे। ऐसे में छात्रों को पेपर भी नहीं मिले और वे अपने घर तक उसे ले जाकर हल नहीं कर सके। जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा है कि हमने गलती स्वीकार की है। इस पर जांच होगी और ज़िम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे मामले में डीपीसी महेंद्र सिंह सेंगर ने एपीसी बृजमोहन दुबे को स्पष्टीकरण देने का नोटिस जारी कर दिया है। अब सवाल ये उठता है कि क्या सिर्फ एक नोटिस जारी कर लापरवाही पर पर्दा डाल दिया जाएगा? शिक्षा प्रणाली में इस तरह की लापरवाहियां बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ हैं। देखना होगा कि क्या शिक्षा विभाग इस गलती से सबक लेता है या फिर यह मामला भी फाइलों में दफन हो जाएगा।