जात-पात की करो विदाई, हिंदू-हिंदू ,भाई-भाई
भोपाल l विश्व हिंदू परिषद के मध्य भारत प्रांत अध्यक्ष के. एल. शर्मा एक सुलझे हुए व्यक्ति हैं जो समाजसेवी के रूप में राजधानी में अपनी एक अलग पहचान रखते हैं। सहज-सरल होते हुए भी के. एल. शर्मा अपने बेवाक बयानों के लिए भी जाने जाते हैं। उनका मानना है कि भारत युद्ध का नहीं बल्कि बुद्ध का देश है और हम शांति के मार्ग पर चलकर सम्पूर्ण विश्व के कल्याण की कामना करते हैं लेकिन आवश्यकता पड़ने पर शस्त्र उठाना भी जानते हैं। तेजेंद्र भार्गव ने विश्व हिंदू परिषद के मध्य भारत प्रांत अध्यक्ष के. एल. शर्मा से लंबी चर्चा की। प्रस्तुत है उस साक्षात्कार के मुख्य अंश....
सीधी बात
विश्व हिंदू परिषद के मध्य भारत प्रांत अध्यक्ष के.एल. शर्मा के साथ
सवाल- किसी आतंकी के मरने पर भी मानव अधिकारों के उल्लंघन के नाम पर हल्ला मचाने वाले आखिर बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों पर चुप क्यों हैं ?
जबाव - देश में एक विचारधारा विशेष के लोगों ने यह मन बना रखा है कि जब हिंदुओं पर अत्याचार होते हैं या उनकी हत्याएं होती हैं तो वे चुप्पी साध लेते हैं और यदि किसी अल्पसंख्यक के ऊपर हमला या मारपीट होती है तो वह हल्ला मचाना शुरू कर देते हैं यह सोची समझी साजिश का हिस्सा है।
सवाल- तेजी से बदल रही डेमोग्राफी से डेमोक्रेसी में भविष्य में होने वाले परिवर्तन से हिंदुओं पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?
जबाव - हिंदू राष्ट्र भक्त है, वह देश से प्रेम करता है, परिवार नियोजन की बात जब आई तो हिंदुओं ने उसे अडॉप्ट किया। वह हिंदुओं के साथ एक धोखा था । हम दो हमारे दो के चक्कर में हिंदुओं की संख्या कम होती चली गई। देश के कई प्रदेशों में अब हम अल्पसंख्यक हो गए हैं और इसी वजह से हमें वहां से पलायन भी करना पड़ रहा है।
सवाल- यदि हिंदू बहुसंख्यक होने के बावजूद भी हिंदुस्तान में ही सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है तो इसके पीछे कारण क्या है ?
जबाव - हिंदू सनातन धर्म का आचरण है इसलिए वह अहिंसा में विश्वास करता है। एक छोटी सी चींटी के मर जाने पर भी उसे आत्मग्लानि हो जाती है। हिंदू अहिंसक है लेकिन जिस दिन हिंदू शस्त्र उठाएगा उस दिन वह वीर शिवाजी और महाराणा प्रताप की याद दिला देगा।
सवाल- विश्व हिंदू परिषद में अब वह आक्रामकता दिखाई नहीं देती जो 80 से 90 के दशक में दिखाई देती थी ?
जबाव - विश्व हिंदू परिषद का मुख्य कार्य समरस भाव से हिंदू को संगठित करना, हिंदू को शक्तिशाली बनाना और हमारे मानबिंदुओं की रक्षा करना तथा समाज के हर क्षेत्र में सेवा कार्य करना है । वह काम हम लगातार कर रहे हैं । इन 61 वर्षों में हमारा परिवार अब बहुत बड़ा हो चुका है । तहसील से लेकर गांव-गांव तक हमारी उपस्थिति है। हमारे लिए सेवा ही परम धर्म है, हम सामाजिक समरसता की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं मुगलकाल में समाज में छुआछूत की विकृति आई थी उसे भी हम दूर करने के लिए युद्ध स्तर पर काम कर रहे हैं और हम सफल भी हुए हैं l रही बात आक्रामकता की तो जब आवश्यकता होगी तब हम अपनी आक्रामकता भी दिखा देंगे।सवाल- विश्व हिंदू परिषद के दृष्टिकोण से देश के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या है और उस चुनौती का निदान क्या है ?
जबाव- हम सामाजिक समरसता की दिशा में निरंतर काम करके समाज को एकजुट करने का काम कर रहे हैं। यदि हिंदू समाज में आपस में ना बटकर एक हो जाएगा तो हिंदू भविष्य में आने वाली हर बड़ी से बड़ी चुनौती का आसानी से मुकाबला कर लेगा। हर चुनौती का निदान सामाजिक समरसता ही है, सामाजिक एकता में ही हिंदू समाज का कल्याण है, सुरक्षा है।विश्व हिंदू परिषद का नारा है जात-पात की करो विदाई, हिंदू -हिंदू भाई भाई l
सवाल- हिंदू समाज के तीज-त्योहारों और शोभायात्राओं के दौरान देश में कई जगह पत्थरबाजी की घटनाएं होती हैं इसको लेकर आप क्या कहना चाहेंगे ?
जबाव - विकृत और जेहादी मानसिकता के कुछ लोग देश में अशांति फैलाना चाहते हैं, जिनका इलाज सरकार और समाज भी कर रही है। यदि यही हाल रहा तो योगी मॉडल पूरे देश में लागू हो जाना चाहिए, ऐसी मानसिकता को बर्दाश्त नहीं करना चाहिए।
सवाल- विश्व हिंदू परिषद ने अपनी स्थापना के 61 वर्ष पूर्ण किए हैं इन 61 वर्षों की उपलब्धि आखिर क्या है ?
जबाव - हम समाज में संस्कृति और संस्कार को जीवित रखने का काम कर रहे हैं। हमारे लिए धर्म की रक्षा सर्वोपरि है, 61 वर्षों में हमने सनातन धर्म से छुआछूत ,ऊंच-नीच, जात-पात जैसी बुराई को मिटाने में काफी हद तक सफलता प्राप्त की हैं। थोड़ा बहुत काम बाकी है जो आने वाले समय में पूरा हो जाएगा। हिंदू संगठित और शक्तिशाली होगा तभी देश सशक्त होगा।
सवाल - बांग्लादेश में हिंदुओं पर लगातार अत्याचार हो रहे हैं इसके बावजूद भी बांग्लादेशी क्रिकेट टीम, भारतीय टीम के साथ क्रिकेट मैच खेलती है, क्या यह उचित है ?
जबाव- हम व्यक्तिगत तौर पर बांग्लादेशी क्रिकेट टीम के साथ भारतीय टीम के क्रिकेट मैच खेलने के पक्ष में नहीं हैं और हम इसका खुलेआम विरोध भी करते हैं।
सवाल- बांग्लादेश में हिंदूओं को जिंदा जलाया जा रहा है, भीड़ पीट-पीट कर हिंदूओं की हत्या कर रही है । भारत सरकार बांग्लादेश में हिंदुओं के ऊपर निरंतर हो रहे अत्याचारों पर कड़ा रुख क्यों नहीं अपना रही है ?
जबाव - भारत पूरे विश्व को शांति का संदेश देता है। हम युद्ध की नहीं बुद्ध की बात करते हैं, हर लड़ाई का अंत टेबल पर बातचीत के माध्यम से ही होता है। युद्ध में सम्पूर्ण मानव जाति ही नष्ट होती है। सरकार कूटनीति पर चलती है और निश्चित ही इस विषय में भी सरकार कोई ना कोई ठोस कदम अवश्य उठायेगी। सवाल - आईपीएल में फिल्म अभिनेता शाहरुख खान ने केकेआर टीम में बांग्लादेशी खिलाड़ी को लिया था जिसका खुला विरोध संत समाज ने किया जिसके बाद बीसीसीआई ने बांग्लादेशी खिलाड़ी को हटाने के निर्देश दिए हैं इस पर आप क्या कहना चाहेंगे ..? जबाव - बीसीसीआई के निर्णय का स्वागत है l एक तरफ़ बांग्लादेश में हिंदुओं का कत्लेआम हो रहा है, दूसरी तरफ़ आईपीएल नीलामी में रहमान जैसे खिलाड़ी को 9.20 करोड़ रुपये खर्च करके खरीदा जाना किसी भी सूरत में उचित नहीं है l केकेआर टीम को कम से कम देशवासियों की भावनाओं का सम्मान तो करना चाहिए था l


