औरैया जिले में अकेलेपन ने एक इंसान को जीते जी अपनी ही तेरहवीं करने के लिए मजबूर कर दिया। क्षेत्र के लक्ष्मणपुर गांव के 65 वर्षीय राकेश यादव ने सोमवार को तेरहवीं संस्कार के रूप में भंडारा कराने का निर्णय लिया है। अविवाहित राकेश ने गांव-गांव करीब 1900 लोगों को निमंत्रण पत्र भी भेजे हैं l राकेश कहते हैं कि उम्र के इस पड़ाव पर न तो कोई अपना साथ है, न ही भविष्य में उनके अंतिम संस्कार या तेरहवीं करने वाला कोई सहारा। यही चिंता धीरे-धीरे उनके भीतर गहराती गई और उन्होंने अपना तेरहवीं भोज कराने का निर्णय ले लिया। राकेश का कहना है कि उन्होंने अपना पैतृक घर भी एक रिश्तेदार को दान कर दिया है।