बालाघाट वन परिक्षेत्र में एक विशालकाय अजगर (Python) का आज पोस्टमार्टम किया गया। यह अजगर लगभग 10 फीट लंबा तथा 40 किलोग्राम वजनी था। वन विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में चिकित्सकीय टीम द्वारा वैज्ञानिक पद्धति से इसका परीक्षण किया गया।   

                        डॉ. बादल पटले (वेटरनरी सर्जन ) ने बताया कि यह अजगर प्राकृतिक रूप से मृत पाया गया था। पोस्टमार्टम के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि सर्प का तीन कक्षों वाला हृदय (three-chambered heart) होता है, जो सरीसृप वर्ग की प्रमुख विशेषता है। इसके अतिरिक्त शरीर के 36 सेंटीमीटर घेराव (girth) और मजबूत मांसपेशीय ढांचे ने इसके उत्कृष्ट स्वास्थ्य की झलक दी। जांच के अनुसार, मृत्यु का कारण आंतरिक संक्रमण या पाचन तंत्र की समस्या माना जा रहा है ।

                       डॉ. बादल पटले ने बताया कि इस तरह के अध्ययन से वन्यजीव संरक्षण और सर्पों की जैविक संरचना को समझने में मदद मिलती है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि यदि इस प्रकार के वन्य जीव कहीं दिखाई दें तो उन्हें नुकसान न पहुँचाएँ और तुरंत वन विभाग को सूचना दें।