भोपाल। कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया में एक वीडियो जमकर वायरल हुआ जिसमें एक महिला अपनी बच्चियों संग पालकी में बैठी हुई है और बैकग्राउंड में "पालकी में होकर सवार चली रे .."गीत बज रहा है। जब वीडियो को देखा तो उसमें सिवनी कलेक्टर संस्कृति जैन अपनी दोनों बेटियों संग पालकी में बैठी हुई थी । अधिकारी - कर्मचारी और आमजन उन पर फूलों की बारिश कर रहे थे ,जनता उन्हें नम आंखों से भावुक विदाई दे रही थी, यह क्षण बड़ा ही भावुक कर देने वाला था। दरअसल सिवनी कलेक्टर रही संस्कृति जैन का तबादला आयुक्त नगर पालिक निगम भोपाल के पद पर हुआ साथ ही साथ वे अपर प्रबंध संचालक मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन के पद का अतिरिक्त प्रभार भी देखेंगी । यह उसी विदाई समारोह का दृश्य था हालांकि तबादला एक सामान्य प्रक्रिया है और अफसरों के तबादलें होते ही रहते हैं लेकिन तबादले के बाद हुआ यह विदाई समारोह चर्चा का विषय बन गया। कभी-कभी ऐसे पल भावनाओं से जुड़कर यादगार बन जाते हैं । लोग इस पल की खूब सराहना भी कर रहे हैं दरअसल सिवनी कलेक्टर के रूप में संस्कृति जैन का अधिकारियों-कर्मचारियों और आम जनता से सीधा जुड़ाव था। उन्होंने लोगों को एहसास कराया कि वे VVIP नहीं हैं बल्कि उनके बीच की, उनके जैसी ही हैं । उनकी इसी विशेषता ने उन्हें सबसे अलग बना दिया । कलेक्टर के रूप में उनके कार्यकाल में कई जनहितकारी कार्य योजनाएं प्रभावी ढंग से लागू की गई, खासकर महिलाओं के स्व सहायता समूह, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाओं के काम की सराहना भी होती रही है । उनकी प्राथमिक स्कूलों में "डेक्स बेंच गिफ्ट" करने की योजना पूरे प्रदेश भर में चर्चा का विषय रही । जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, शासकीय कर्मचारियों औरअधिकारियों , पत्रकारों ने जन सहयोग से हजारों हजार डेस्क और बेंच की व्यवस्था की । अपने 15 महीने के कार्यकाल में लाड़ली बहना योजना को अटल पेंशन योजना से जोड़ने, पर्यावरण संरक्षण के लिए हरित सिवनी अभियान तथा सतत विकास पर उनका फोकस रहा । उन्होंने हरित सिवनी अभियान के तहत लगभग 5 लाख वृक्षारोपण कराए ,डिजिटल गवर्नेंस पर आधारित उनकी कार्यशैली चर्चा में रही ,उनका सहयोग पूर्ण व्यवहार रहा । उन्होंने सिवनी को परिवार की तरह माना, हर छोटे- बड़े व्यक्ति की बात सुनी और उसका समाधान किया। ऐसे बहुत कम अफसर होते हैं जो जनता से इतने जुड़ाव के साथ काम करते हैं, 2015 बैच की IAS अफसर संस्कृति जैन को नगर पालिक निगम भोपाल की कमान सौंपना निश्चित ही उनकी क्षमताओं पर सरकार के भरोसे को दर्शाता है । नगरीय व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में सरकार का यह एक रणनीतिक कदम भी माना जा रहा है  लेकिन बात यहीं खत्म नहीं होती जब यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो मन में एक सवाल उठ रहा था कि आखिर विदाई समारोह के बैकग्राउंड में यही गीत क्यों बज रहा था। इसका जवाब एक राज्य मंत्री के कार्यालय में पदस्थ अधिकारी से मिला, उन्होंने बताया कि IAS संस्कृति जैन के आईपीएस पति आशुतोष गुप्ता भोपाल में ही पदस्थ हैं, वह डीसीपी जोन वन हैं। तब इस सवाल का उत्तर मिल गया और बैकग्राउंड में यही गीत बजाने का माजरा भी समझ आ गया । नवाचार के माध्यम से व्यवस्था में बदलाव की अपनी अनूठी कार्यशैली से अपनी अलग पहचान बनाने वाली नवोदित नगर पालिक निगम आयुक्त से भोपाल शहर की आवाम की भी बहुत उम्मीदें हैं। अब देखना यह है कि वे इन उम्मीदों पर कितना खरा उतरती हैं।