छतरपुर l पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशानुसार पुलिस अधीक्षक छतरपुर श्री अगम जैन द्वारा आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों को त्वरित प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिले में ड्यूटीरत पुलिसकर्मियों एवं डायल-112 स्टाफ को सीपीआर एवं बीएलएस का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करवाए गए हैं। यह प्रशिक्षण चिकित्सा विशेषज्ञों द्वारा मुख्यालय अनुभाग एवं थाना स्तर पर नियमित अभ्यास के माध्यम से करवाया गया है।
सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) एवं बीएलएस (बेसिक लाइफ सपोर्ट) ऐसी महत्वपूर्ण जीवन-रक्षक तकनीकें हैं, जिनका उपयोग उस स्थिति में किया जाता है जब किसी व्यक्ति की सांस या हृदय की धड़कन रुक जाती है। इस प्रक्रिया में सीने पर दबाव एवं कृत्रिम श्वास के माध्यम से शरीर में रक्त व ऑक्सीजन का प्रवाह बनाए रखा जाता है, जिससे जीवन को बचाने में सहायता मिलती है।

कार्यालय पुलिस अधीक्षक छतरपुर में पदस्थ आरक्षक खगेंद्र तिवारी के आवास के सामने एक बुजुर्ग दंपत्ति निवासरत हैं। बुजुर्ग व्यक्ति के अचानक कुर्सी से गिरने एवं स्थिति गंभीर होने पर उनकी पत्नी द्वारा सहायता के लिए आवाज लगाई गई। आवाज सुनते ही आरक्षक खगेंद्र तिवारी तत्काल उनके घर पहुंचे एवं स्थिति को समझते हुए बिना समय गंवाए बुजुर्ग को सीपीआर देना प्रारंभ किया।
लगातार कुछ समय तक सीपीआर देने से बुजुर्ग की स्थिति में सुधार हुआ। तत्पश्चात आरक्षक द्वारा स्वयं के वाहन से बुजुर्ग को उपचार हेतु अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों द्वारा बताया गया कि बुजुर्ग को अचानक दिल का दौरा पड़ा था और यदि समय पर सीपीआर न मिलता तो गंभीर अनहोनी हो सकती थी। वर्तमान में बुजुर्ग की स्थिति सामान्य है।
*पुलिस अधीक्षक द्वारा इस मानवीय एवं संवेदनशील त्वरित कार्यवाही हेतु आरक्षक खगेन्द्र तिवारी को पुरस्कृत करने की उद्घोषणा की गई है।*
छतरपुर पुलिस द्वारा दिए गए प्रशिक्षण का यह एक सराहनीय एवं प्रेरणादायक उदाहरण है, जिससे यह सिद्ध होता है कि पुलिसकर्मी न केवल कानून व्यवस्था बल्कि मानव जीवन की रक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।