समृद्ध, संपन्न और सांस्कृतिक मध्यप्रदेश की परिकल्पना को साकार करेगा बजट: राज्य मंत्री श्री लोधी
भोपाल l मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दूरदर्शी नेतृत्व में वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट "समृद्ध मध्यप्रदेश, सम्पन्न मध्यप्रदेश, सुखद मध्यप्रदेश और सांस्कृतिक मध्यप्रदेश" के सपने को साकार करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। संस्कृति, पर्यटन और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने बजट का स्वागत करते हुए इसे प्रदेश के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक गौरव को पुनः स्थापित करने वाला बजट बताया है। राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बजट में सर्वस्पर्शी और समावेशी विकास के साथ-साथ सुशासन, पर्यावरण और सांस्कृतिक पुनरुत्थान पर विशेष जोर दिया है। यह बजट 'समृद्ध मध्यप्रदेश @2047' के लक्ष्यों को प्राप्त करने में मील का पत्थर साबित होगा।
संस्कृति विभाग के लिए बजट में 1365 करोड़ रुपये का प्रावधान
राज्य मंत्री श्री लोधी ने जानकारी दी कि प्रदेश की संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए संस्कृति विभाग के बजट में कुल ₹1365 करोड़ का प्रावधान किया गया है। इसमें अद्वैत दर्शन के प्रचार-प्रसार के लिए ओंकारेश्वर में 'वेदान्त पीठ' की स्थापना के लिए ₹750 करोड़ और म.प्र. संस्कृति परिषद के लिए ₹75 करोड़ का प्रावधान शामिल है। स्मारकों के संरक्षण (कंजर्वेशन) के लिए ₹67 करोड़ और विभिन्न समारोहों के आयोजन के लिए ₹65 करोड़ आवंटित किए गए हैं।
सिंहस्थ महापर्व की भव्य तैयारी
राज्य मंत्री श्री लोधी ने बताया कि आगामी सिंहस्थ महापर्व को देखते हुए सरकार ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। सिंहस्थ से संबंधित ₹13,851 करोड़ के कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिसमें से वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ₹3,060 करोड़ का प्रावधान रखा गया है, जो श्रद्धालुओं की सुविधा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
वैश्विक पटल पर चमकेगा मध्यप्रदेश का पर्यटन
राज्य मंत्री श्री लोधी ने कहा कि पर्यटन विभाग के लिए ₹566 करोड़ के प्रावधान का उल्लेख करते हुए पर्यटन अधोसंरचना विकास के लिए ₹323 करोड़ और पर्यटन नीति के क्रियान्वयन के लिए ₹130 करोड़ का प्रावधान किया गया हैं।
राज्य मंत्री श्री लोधी ने बताया कि प्रदेश के प्रमुख स्थलों को वैश्विक स्तर पर विकसित किया जा रहा है। खजुराहो का 50 वैश्विक प्रतिस्पर्धी पर्यटन गंतव्य योजना के तहत विकास किया जाएगा। धार्मिक आस्था और ऐतिहासिक धरोहर के संगम ओरछा को "आइकॉनिक पर्यटन स्थल" के रूप में निखारा जाएगा। बुंदेलखंड में पर्यटन की असीम संभावनाओं को देखते हुए विशेष कार्ययोजना बनाई गई है।
मालवा और निमाड़ की संस्कृति को नई पहचान
राज्य मंत्री ने बताया कि मालवा क्षेत्र में 'देवी अहिल्या लोक' को एक विशिष्ट सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहाँ "संस्कृति कल्पवृक्ष यात्रा" के माध्यम से इतिहास को सजीव रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, केरियाखेड़ी (महेश्वर) को 'क्राफ्ट हैंडलूम विलेज' और कुक्षी को 'क्राफ्ट टूरिज्म विलेज' के रूप में विकसित कर स्थानीय कला को बढ़ावा दिया जाएगा।
धर्मस्व और जनजातीय आस्था का सम्मान
धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के लिए ₹127 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिसमें बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा कराने वाली लोकप्रिय 'मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना' के लिए ₹50 करोड़ शामिल हैं। साथ ही, आध्यात्मिक महत्व और सांस्कृतिक विरासत के वन क्षेत्रों के संरक्षण के लिए "जनजातीय देव लोक वनों की संरक्षण योजना" की घोषणा की गई है, जो जनजातीय आस्था और पर्यावरण संरक्षण का अनूठा संगम होगी।
राज्य मंत्री श्री लोधी ने इस जन-कल्याणकारी और विकासोन्मुखी बजट के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव और वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया है।



