मऊगंज जिले के थाना शाहपुर क्षेत्र में डायल-112 जवानों की त्वरित, संवेदनशील और जिम्मेदार कार्यवाही ने घर की राह भटकी 03 वर्षीय मासूम बच्ची को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाकर एक परिवार को बड़ी राहत दी है। हाईवे के समीप अकेली और असहाय अवस्था में मिली बच्ची को संरक्षण में लेकर, डायल-112 टीम ने जिस धैर्य, मानवीय संवेदना और सतर्कता के साथ कार्य किया, वह समाज में पुलिस के मानवीय चेहरे को उजागर करता है।

17 फरवरी 2026 को रात्रि में राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम, डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना शाहपुर क्षेत्र अंतर्गत चौहना गांव के हाईवे के पास एक 03 वर्षीय बालिका अकेली मिली है, जो अपने परिजनों के संबंध में कोई जानकारी नहीं दे पा रही है। सूचना मिलते ही थाना शाहपुर में तैनात डायल-112 एफआरव्ही वाहन को तत्काल मौके के लिए रवाना किया गया।

डायल-112 स्टाफ आरक्षक श्री मनीष सिंह एवं पायलट श्री सच्चिदानंदन त्रिपाठी कुछ ही समय में घटनास्थल पर पहुंचे और मासूम बच्ची को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया। बच्ची अत्यंत छोटी होने के कारण अपने परिजनों के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पा रही थी। इसके बावजूद डायल-112 जवानों ने धैर्य और सूझबूझ का परिचय देते हुए बच्ची को एफआरव्ही वाहन में साथ लेकर आसपास के गांवों एवं क्षेत्रों में सक्रियता से तलाश और पूछताछ प्रारंभ की।

लगातार प्रयासों के परिणामस्वरूप बच्ची के परिजन खोजते हुए मिल गए। पहचान और सत्यापन उपरांत डायल-112 जवानों ने बच्ची को सुरक्षित उसके मामा के सुपुर्द किया। अपनों को सकुशल पाकर परिजनों के चेहरे पर लौटी मुस्कान और राहत, डायल-112 जवानों की संवेदनशील सेवा की सजीव मिसाल बनी।

डायल 112 हीरोज श्रृंखला के अंतर्गत यह घटना यह संदेश देती है कि मध्यप्रदेश पुलिस न केवल कानून व्यवस्था की प्रहरी है, बल्कि हर संकट में बच्चों, महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा, संवेदनशीलता और भरोसे की मजबूत ढाल भी है।