कागज़ों में नियम, ज़मीन पर लूट। अनुमति सीमित, निकासी बेतहाशा...
**स्पष्ट चेतावनी
— हरदा में अवैध खदान और गिट्टी लूट अब बर्दाश्त नहीं**
हरदा में अवैध उत्खनन का मतलब साफ़ है—
अवैध खदान चलाना और अनुमति से कई गुना ज़्यादा गिट्टी निकालना।
यह कोई तकनीकी गलती नहीं, यह संगठित अपराध है।
कागज़ों में नियम,
ज़मीन पर लूट।
अनुमति सीमित,
निकासी बेतहाशा।
यह सब बिना संरक्षण के संभव नहीं—और यह बात सब जानते हैं।
आज साफ़ चेतावनी है—
अब हरदा में अवैध खदान नहीं चलेगी।
अब तय सीमा से ज़्यादा गिट्टी नहीं निकलेगी।
अब “सब सेट है” की भाषा नहीं चलेगी।
जो भी इसमें शामिल है—
खदान मालिक, ठेकेदार या कुर्सी पर बैठा अधिकारी—
सबकी जवाबदेही तय होगी।
मुझ पर आरोप लगेंगे,
षड्यंत्र रचे जाएंगे,
डराने की कोशिश होगी—
लेकिन स्पष्ट है, मैं पीछे हटने वाला नहीं हूँ।
यह राजनीति का मुद्दा नहीं,
यह हरदा की धरती, पर्यावरण और जनता के अधिकार का सवाल है।
मुझे घटिया, सौदेबाज़ राजनीति नहीं करनी।
अब फैसला साफ़ है—
या तो अवैध खदान बंद होंगी,
या जवाबदेही तय होगी।
हरदा की धरती बिकाऊ नहीं है।
कानून चलेगा।
और अवैध उत्खनन रुकेगा।
— डॉ. विशाल सिंह बघेल की फेसबुक वाल से साभार



