मेरे दिल्ली शासकीय आवास पर जैनेंद्र पाठक नामक एक व्यक्ति स्वयं को मध्यप्रदेश का निवासी बता कर मुलाक़ात के लिए आया।

मुझसे मिलकर बोला कि “वो भोपाल वाले शारिक मछली के साथ प्रॉपर्टी का धंधा करता है व उसकी तरफ़ से आया है उसका बहुत नुक़सान हो गया है उसको छोड़ दीजिए।”

मैंने उसको डाँट कर भगा दिया, वो अपने साथ लाई मिठाई देना चाह रहा था जो कि वो जाते वक्त घर के दरवाजे पर छोड़कर भाग गया ।

हमने पुलिस को शिकायत कर दी है, पुलिस जप्ती कर ले गई है।

शारिक के विरुद्ध हिंदू लड़कियों को ड्रग देने,बलात्कार करने, वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने और इस्लाम में धर्मांतरित करने के मामले के अलावा वंचित तबके के हिंदू केवट मांझी जाति के लोगों के वंशानुगत अधिकार वाले तालाबों पर मत्स्याखेट के लिए कब्जे किए जाने के मामले में मेरे निर्देश पर जांच की जा रही है।

जांच पूरी सख्ती और सत्यनिष्ठा से की जाएगी। (राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य प्रियंका कानूनगो की फेसबुक वाल से साभार)