संभल। 14 साल पहले धनबाद से लापता हुए इंजीनियर सत्यदेव चौबे संभल जिले के कैला देवी क्षेत्र में बेहोश मिले। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। होश आने पर उनके स्वजनों की तलाश की गई और फिर उन्हें सौंप दिया गया। शोभापुर खालसा गांव के जंगल में 16 जुलाई की रात ग्रामीणों को एक व्यक्ति को लावारिस हालत में पड़ा मिला था। ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उस व्यक्ति को अपने साथ ले गई। उन्हें नहलाकर कपड़े बदलवाए। 

पुलिस ने उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया दिया। तीन दिनों के इलाज के बाद उन्होंने अपना नाम और पता बताया। जिसकी जांच उत्तर प्रदेश पुलिस ने बिहार पुलिस से किया।

बिहार पुलिस ने उनके स्वजनों की पुष्टि की और फिर वीडियो काल पर बातचीत कराया। स्वजनों ने सत्यदेव चौबे की पहचान की। स्वजन वर्षों बाद सत्यदेव से रूबरू हुए और उन्हें जीवित देख सबकी आंखें नम हो गई। स्वजन शनिवार को बिहार पुलिस के साथ संभल के कैलादेवी थाने पहुंचे। यहां सत्यदेव को उन्हें सौंप दिया गया। 14 साल वे कहां रहे थे, धनबाद से कैसे पहुंचे समेत अन्य सवालों की जानकारी वे नहीं दे सके। उन्होंने कुछ कागज पर लिखा, लेकिन वो स्पष्ट न होने के कारण पढ़ा नहीं जा सका। फिलहाल स्वजन उन्हें अपने साथ ले गए हैं।