आईआरसीटीसी का लक्ष्य मध्यप्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई उड़ान
भोपाल l भारतीय रेलवे खानपान और पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने मध्यप्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाने के लिए एक महत्वाकांक्षी पहल की घोषणा की है। इस योजना का उद्देश्य राज्य के समृद्ध आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत स्थलों को देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों से जोड़ना है।
आईआरसीटीसी के अधिकारियों के अनुसार, आगामी महीनों में मध्यप्रदेश से कई नए भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन पैकेज शुरू किए जाएंगे, जिनके जरिए उज्जैन (महाकाल लोक), ओंकारेश्वर, चित्रकूट, अमरकंटक, ओरछा, खजुराहो एवं पंचमढ़ी जैसे प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को जोड़ा जाएगा।
इसके अलावा रेल मंत्रालय ने देश के विभिन्न भागों से भारत सरकार द्वारा परिकल्पित "देखो अपना देश" और "एक भारत श्रेष्ठ भारत" की पर्यटन अवधारणाओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से भारत गौरव पर्यटक ट्रेनों का संचालन शुरू किया है। भारतीय रेलवे भारत को अंतरराष्ट्रीय और घरेलू क्षेत्र में एक आकर्षक गंतव्य के रूप में प्रदर्शित करने के हमेशा प्रतिबद्ध रहा है। भारतीय रेल की इन थीम-आधारित ट्रेनों की परिकल्पना घरेलू पर्यटकों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत से अवगत कराने हेतु की गई है। इसी क्रम में आईआरसीटीसी, क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल आगामी माह में 02 भारत गौरव ट्रेन 02 ज्योतिर्लिंग के साथ दक्षिण दर्शन यात्रा एवं पुरी, गंगासागर के साथ 02 ज्योतिर्लिंग (बाबा बैद्यनाथ एवं काशी विश्वनाथ) यात्रा का संचालन करने जा रही है।
आईआरसीटीसी, क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल द्वारा डोमेस्टिक एयर पैकेज के माध्यम से लद्दाख, अंडमान, गोवा, पांडिचेरी, केरला, लक्षदीप, रण ऑफ कछ, गुजरात, सिक्किम दार्जिलिंग एवं कश्मीर के दर्शनीय एवं पर्यटन स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा।
साथ ही आउट बॉन्ड एयर टूर पैकेज के माध्यम से भूटान, यूरोप, थाइलैंड, श्रीलंका, बेस्ट ऑफ एशिया, वियतनाम, बाली, जापान एवं दुबई का भ्रमण कराया जाएगा।
आईआरसीटीसी, क्षेत्रीय कार्यालय, भोपाल के संयुक्त महाप्रबन्धक (पर्यटन) श्री राजेंद्र बोरबन ने कहा, "हमारा उद्देश्य है कि मध्यप्रदेश के धार्मिक स्थलों को विश्व पर्यटन मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाया जाए। इस प्रयास से ना केवल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बल मिलेगा।"
आईआरसीटीसी ने राज्य सरकार और पर्यटन विभाग के साथ मिलकर इस योजना को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए कार्य करना शुरू कर दिया है। आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को भी विशेष सुविधा देने की योजना है।


