भावांतर योजना का लाभ लेने के लिये सोयाबीन बोने वाले कृषक अपना पंजीयन अवश्य कराये - उप संचालक कृषि श्री सिंह
छिंदवाडा़ l उप संचालक कृषि श्री जितेन्द्र कुमार सिंह ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार भारत सरकार की प्राईस डिफिसिट पेमेंट स्कीम (भावांतर योजना) के अंतर्गत खरीफ वर्ष 2025 (विपणन वर्ष 2025-26) में ई-उपार्जन पोर्टल पर 03 से 17 अक्टूबर 2025 तक सोयाबीन फसल का पंजीयन किया जायेगा।
योजना कैसे काम करेगी - किसान द्वारा ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। किसान पूर्व की तरह अपनी उपज मंडियों में बेचेंगे। एमएसपी और मंडी का मॉडल भाव, विक्रय मूल्य के बीच के अंतर की राशि का किसान को डीबीटी से भुगतान किया जाएगा एवं उचित औसत गुणवत्ता (एफएक्यू) की उपज के लिये न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी रहेगी।
उन्होंने बताया कि सोयाबीन का पंजीयन दिनांक 03 से 17 अक्टूबर 2025 तक निर्धारित पंजीयन केन्द्रों विपणन सहकारी संस्था छिन्दवाड़ा, तहसील मोहखेड़ के अंतर्गत सेवा सहकारी संस्था उमरानाला व सेवा सहकारी संस्था बदनूर (पालाखेड), चौरई एवं चांद के लिये सेवा सहकारी संस्था चौरई, अमरवाड़ा और हर्रई के लिये सेवा सहकारी संस्था अमरवाड़ा, परासिया और उमरेठ के लिये सेवा सहकारी संस्था उमरेठ, जुन्नारदेव और तामिया के लिये सेवा सहकारी संस्था झिरपा, बिछुआ के लिये लेम्प्स सेवा सहकारी संस्था बिछुआ तथा पांढुर्णा व सौंसर के लिये विपणन सहकारी संस्था पांढुर्णा पर किया जायेगा।
इसके अतिरिक्त कृषक एमपी ऑनलाईन, कॉमन सर्विस सेन्टर, लोकसेवा केन्द्र एवं स्वयं के मोबाईल अथवा कम्प्यूटर (एमपी किसान एप पर) से निर्धारित लिंक पर जाकर पंजीयन कर सकते हैं।
योजना का लाभ लेने के लिए किसान 24 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक मंडी में अपनी फसल विक्रय कर सकेंगे।
छिंदवाड़ा कलेक्टर श्री हरेन्द्र नारायन व पांढुर्णा नवागत कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ट एवं उप संचालक कृषि श्री सिंह द्वारा जिला छिंदवाड़ा एवं पांढुर्णा के सोयाबीन फसल उत्पादक किसानों से अपील की गई है कि जिले के किसान नियत समय अवधि में अधिक से अधिक संख्या में अपनी उपज का पंजीयन कराकर योजना का लाभ प्राप्त करें। अधिक जानकारी के लिए संबंधित विकासखंड के वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों व मंडी सचिवों से संपर्क किया जा सकता है।
कलेक्टर श्री नारायन द्वारा सभी राजस्व पटवारियों एवं पंचायत सचिवों को निर्देशित किया गया है कि गिरदावरी अनुसार जिन किसानों ने सोयाबीन फसल की बोनी किये है, उनका पंजीयन अवश्य कराये। अभी तक जिले में 834 किसानों ने पंजीयन कराया है।



