37 वर्षों से देश की कमान संभाल रहे खामेनेई अपनी बात पर अड़े रहे
भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि ईरान, अमेरिका और इस्राइल के बीच बढ़ते तनाव के बावजूद खामेनेई ने तेहरान में अपना घर छोड़कर किसी सुरक्षित जगह, बंकर में जाने से साफ मना कर दिया था।सुरक्षा टीम ने खामेनेई से बार-बार गुजारिश की थी कि वे किसी गुप्त स्थान पर चले जाएं। उनका घर और दफ्तर सबको पता था, इसलिए उन पर हमले का खतरा बहुत ज्यादा था। लेकिन 37 वर्षों से देश की कमान संभाल रहे खामेनेई अपनी बात पर अड़े रहे। उन्होंने सुरक्षा अधिकारियों से कहा कि अगर वे ईरान के 9 करोड़ लोगों के लिए सुरक्षित शेल्टर का इंतजाम कर सकते हैं, तभी वे अपना घर छोड़कर कहीं और जाएंगे।


