भारतीय जन मानस में सहकार भाव के प्रति विश्वास व सहकारी आंदोलन में आमजन की सहभागिता को समर्पित भारतीय बीज सहकारी समिति का सृजन देश की प्रगति में ऐतिहासिक महत्व का विषय है। भारत की ग्रामीण विकास की गाथा प्राचीन काल से ही सहकार भावना की पोषक रही है, जिसमें समय -समय पर राजनीतिक व्यवस्था व देश की जरूरतों के हिसाब से नीतिगत निर्णयों में विधायिका व नीति निर्माताओं की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए कुछ मानक तय किये जाते रहे हैं। 25 जनवरी 2023 को भारतीय जन मानस में सहकार भाव के प्रति विश्वास व सहकारी आंदोलन में आमजन की सहभागिता को समर्पित भारतीय बीज सहकारी समिति का सृजन देश की प्रगति में ऐतिहासिक महत्व का विषय है। बहु राज्य बीज सहकारी समिति का सृजन राष्ट्रीय स्तर पर पाँच प्रमुख संस्थाओं कृभको, इफको, नेफेड, एन डी डी बी,और एन सी डी सी को प्रवर्तक के रूप में शामिल करते हुए किया गया है, जिसमें कृभको मुख्य प्रवर्तक के दायित्व का निर्वहन करेगी। डॉक्टर विनोद कुमार तोमर महाप्रबंधक कृभको को नव सृजित भारतीय बीज सहकारी समिति का हेड इंचार्ज बनाया गया है।भारतीय कृषि क्षेत्र में कृषि निवेश का महत्वपूर्ण अंग बीज ,जिसके लिए कहा गया है कि गुणवत्ता युक्त बीज कृषे: मूलाधार:, वर्तमान भारत सरकार के कुशल नेतृत्व कर्ता गृह व सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह जी की दूरदृष्टि तथा भारतीय संस्कृति में सहकार से समृद्धि के ध्येय मंत्र को फलीभूत करने में नव सृजित भारतीय बीज सहकारी समिति द्वारा निर्धारित मानक तय समय सीमा में पुष्पित- पल्लवित होंगे, इसी आशा व विश्वास के साथ हम अपने लक्ष्यों के प्रति जागरूक रहकर सहकारिता की अलख सतत प्रज्वलित करने में सफल होंगे।