किसानों को जागरूक करने के लिए किसान गोष्ठियाँ का आयोजन 25 मार्च से 10 अप्रैल तक

अशोक नगर कलेक्टर श्री सुभाष कुमार द्विेवेदी के निर्देशानुसार जिले में नरवाई जलाने से रोकने के लिए प्रशासन ने तैयारी कर ली गई है। इस संबंध में किसानों को जागरूक करने के लिए कृषि विभाग द्वारा 25 मार्च 2025 से 10 अप्रैल 2025 तक गाँव ,गाँव में किसान गोष्ठियाँ आयोजित की जायेगी। कृषक भाइयों को सलाह दी जाती है कि नरवाई जलाने से मिट्टी की उर्वरकता खत्म हो जाती है और पर्यावरण प्रदूषण होता है। मौजूदा लाभदायक सूक्ष्मजीव एवं जैव विविधता खत्म हो जाती है। मिट्टी की जलधारण क्षमता भी घट जाती है। खेतों में आग लगने से चिंगारी एक खेत से दूसरे खेत तक फैलने से जन हानि की आशंका होती है। जिन क्षेत्रों में कंबाइन हार्वेस्टर से फसल कटाई की जा रही है वहां हार्वेस्टर के साथ एस्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम अपनाएँ। रोटावेटर का उपयोग कर फसल अवशेषों को मिट्टी में मिलाएँ। इससे मिट्टी में जैविक खाद भी तैयार होता है। खेतों की गहरी जुताई करें।हैप्पी सीडर तथा जीरो टिलेज सीडड्रिल से वोवनी को प्रोत्साहित करें। ऐसा करने से फसल अवशेषों को भूमि में मिलाया जा सकता है। इससे भूमि का उर्वरता अच्छी होती है एवं बेहतर उत्पादन होता है। घटनाओं को प्रतिबंधित कर जुर्माना लगाने का प्रावधान किया गया है। इस संबंध में किसानों को जागरूक किया जा रहा है। नरवाई जलाने वाले किसानों को चिन्हित कर उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जुर्माने की कार्यवाही की जा सकती है। दो एकड़ से कम जमीन पर ₹2500 रुपये, 2 से 5 एकड़ जमीन पर ₹5000 जुर्माना एवं 5 एकड़ से अधिक जमीन पर 15000 तक का जुर्माना किया जा सकता है । किसान भाइयों से अपील है कि नरवाही ना जलाएं।