सेंधवा की स्वच्छता यात्रा: जर्मन सहयोग से बदली नगरीय जीवन की तस्वीर
एक समय था जब सेंधवा नगर में सीवरेज की समुचित व्यवस्था का अभाव जनस्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए चुनौती बना हुआ था। बढ़ती जनसंख्या, अनियोजित अपशिष्ट निस्तारण और जल स्रोतों पर बढ़ता दबाव नगर के सतत विकास में बाधा बन रहे थे। ऐसे समय में जर्मन विकास बैंक केएफडब्ल्यू के सहयोग से शुरू की गई सेंधवा सीवरेज परियोजना ने नगर की तस्वीर ही बदल दी।
नगरीय विकास एवं आवास विभाग के उपक्रम मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कम्पनी (एमपीयूडीसी) द्वारा क्रियान्वित यह परियोजना आज नगरीय स्वच्छता और आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण की एक सफल मिसाल बन चुकी है।
दूरदृष्टि से बनी योजना
एमपीयूडीसी के प्रबंध संचालक श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि सेंधवा नगर की वर्तमान जनसंख्या लगभग 66 हजार है, लेकिन परियोजना की योजना वर्ष 2047 में अनुमानित 90,300 जनसंख्या की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाई गई।उन्होंने कहा कि “हमारा उद्देश्य केवल वर्तमान समस्या का समाधान नहीं था, बल्कि आने वाले दशकों के लिए एक टिकाऊ और वैज्ञानिक सीवरेज व्यवस्था विकसित करना था, जो जनस्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों की रक्षा कर सके।”
तकनीक और क्षमता का समन्वय
लगभग 18 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले सेंधवा नगर में 90.55 किलोमीटर लंबा सीवर नेटवर्क बिछाया गया। 66.26 करोड़ रुपये की निर्माण लागत और 80.99 करोड़ रुपये (संचालन-संधारण सहित) की कुल लागत वाली इस परियोजना के तहत 8.50 एमएलडी क्षमता का अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया है, जो एसबीआर तकनीक पर आधारित है और अपशिष्ट जल का प्रभावी उपचार सुनिश्चित करता है।
इसके अतिरिक्त, परियोजना में 7.60 एमएलडी क्षमता का इंटरमीडिएट पंपिंग स्टेशन और 0.428 एमएलडी क्षमता का लिफ्टिंग पंपिंग स्टेशन भी शामिल है, जिससे सीवरेज प्रणाली सुचारु रूप से संचालित हो रही है।
नागरिकों से सीधा जुड़ाव
सफलता का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है – नागरिकों तक सीधी पहुंच। परियोजना के माध्यम से 12,346 घरों को सीवरेज कनेक्शन प्रदान किए गए हैं। इसके लिए 3,943 हाउस चेंबर और 3,338 मैनहोल का निर्माण किया गया, जिससे नगर का एक बड़ा हिस्सा सुरक्षित सीवरेज व्यवस्था से जुड़ सका।
स्वच्छता से जीवन गुणवत्ता तक
प्रबंध संचालक श्री संकेत भोंडवे ने बताया कि सेंधवा सीवरेज परियोजना केवल पाइपलाइन और प्लांट तक सीमित नहीं है। यह लोगों के बेहतर स्वास्थ्य, स्वच्छ पर्यावरण और सम्मानजनक नगरीय जीवन की दिशा में एक ठोस कदम है।
इस परियोजना के परिणामस्वरूप खुले नालों में बहने वाले गंदे पानी में कमी आई है, जल स्रोत सुरक्षित हुए हैं और स्वच्छता के प्रति नागरिकों में जागरूकता बढ़ी है। इससे शहर की जीवन गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिल रहा है।
अनुकरणीय मॉडल
जर्मन बैंक केएफडब्ल्यू के अंतरराष्ट्रीय सहयोग से विकसित यह परियोजना आज मध्यप्रदेश में आधुनिक नगरीय सीवरेज प्रबंधन का अनुकरणीय मॉडल बन गई है। सेंधवा की यह सफलता अन्य नगरों के लिए यह संदेश देती है कि सही योजना, आधुनिक तकनीक और मजबूत संस्थागत नेतृत्व के साथ स्वच्छ और टिकाऊ शहरों का निर्माण संभव है।



