मुरैना /प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री श्री ऐदल सिंह कंषाना ने कहा है कि देवरी स्थित इस पावन गौशाला परिसर में गौवर्धन पूजा के शुभ अवसर पर उपस्थित होकर मैं अपने आपको अत्यंत सौभाग्यशाली अनुभव कर रहा हूँ। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की जड़ों से जुड़ा हुआ यह पर्व है, जो गौ सेवा, कृषि और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संदेश देता है। वे देवरी गौशाला में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में गौवर्धन पूजा का आयोजन लगातार दूसरे वर्ष प्रदेशभर में उत्साहपूर्वक किया जा रहा है। यह उनके गौ सेवा के प्रति गहरे समर्पण और प्रदेश में दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने की दूरदृष्टि का परिचायक है। कृषि मंत्री श्री कंषाना ने कहा कि मुख्यमंत्री की यही भावना है कि गौमाता की सेवा को केवल धार्मिक आस्था से नहीं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक समृद्धि से भी जोड़ा जाए। इस दिशा में हम जनभागीदारी से इस संकल्प को पूर्ण करने का प्रयास करेंगे। मैं यह विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि देवरी गौशाला को सर्वसुविधायुक्त एवं आदर्श गौशाला के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए देश-प्रदेश की सफल गौशालाओं का अध्ययन कर, उनके श्रेष्ठ प्रबंधन मॉडल को यहां लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि पटिया वाले बाबा की गौशाला में वर्तमान में लगभग 8,000 गौवंश की सेवा हो रही है। हमारा लक्ष्य है कि देवरी गौशाला इससे भी अधिक गायों का संरक्षण और संवर्धन करे। उन्होंने कहा कि यदि गौशाला के विस्तार हेतु भूमि की आवश्यकता होगी, तो शासन स्तर से हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। साथ ही, उन्होंने अपनी विधायक निधि से गौशाला में अतिरिक्त कक्ष निर्माण हेतु 5 लाख रूपये की राशि देने की घोषणा की है। उन्होंने समस्त कृषकों और गौसेवकों से यह अपील की है कि जब गाय दूध देना बंद कर दे, तो उसे सड़क पर छोड़ना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अमानवीय कृत्य है। गाय हमारी संस्कृति, कृषि और अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उसकी सेवा करना हमारी नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है। गाय न केवल दूध देती है, बल्कि उसका गोबर, मूत्र, और अन्य उपादान कृषि के लिए अत्यंत उपयोगी है इसलिए जब गाय दूध देना बंद कर दे, तब भी उसकी सेवा करें, यही सच्ची गौसेवा और सद्भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ’’गौ सेवा से बढ़कर कोई सेवा नहीं’’। यह सेवा हमें धर्म, कर्म और समृद्धि तीनों का वरदान देती है। देवरी गौशाला को एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित करने के लिए हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने सभी नागरिकों, गौसेवकों और कृषकों से अनुरोध किया कि इस पवित्र यज्ञ में अपनी आहुति अवश्य दें। सांसद श्री शिवमंगल सिंह तोमर ने कहा कि ग्वालियर स्थित लाल टिपारा गौशाला के सफल संचालन मॉडल को आधार बनाते हुए देवरी गौशाला को भी उसी तर्ज पर विकसित किया जाना चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि इन मॉडल गौशालाओं से गौसेवकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिलाया जाए, ताकि वे गायों की बेहतर देखभाल कर सकें और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा निर्धारित मध्यप्रदेश को देश के दुग्ध उत्पादन में 20 प्रतिशत योगदान देने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। सांसद ने यह भी कहा कि पशुपालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनाना होगा और इसके लिए ऋण वितरण प्रणाली को सुदृढ़ करना आवश्यक है। उन्होंने एनपीए (गैर-निष्पादित परिसंपत्तियों) को कम करने और मुरैना जिले की बैंकों में गिरी हुई साख को सुधारने की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया, ताकि किसानों और पशुपालकों को समय पर वित्तीय सहायता मिल सके। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि पशुपालन को बढ़ावा देकर ही इस क्षेत्र के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त हो सकता है। इसके लिए सरकार और जनसमुदाय के बीच सहयोग और समन्वय अत्यंत आवश्यक है। सांसद श्री तोमर ने प्रेरणादायक पहल करते हुए यह घोषणा की कि वे प्रत्येक माह अपनी वेतन से 10,000 रूपये की राशि देवरी गौशाला को प्रदान करेंगे। 

उन्होंने यह भी कहा कि देवरी गौशाला में सभी आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएँ - जैसे कि साफ-सफाई, चारे-पानी की व्यवस्था, चिकित्सकीय सुविधा और गायों के रहने हेतु उपयुक्त शेड आदि। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार लाल टिपारा गौशाला जनसहयोग से सफलतापूर्वक संचालित हो रही है, उसी प्रकार देवरी गौशाला का संचालन भी सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से किया जाए। उन्होंने इसे सामाजिक उत्तरदायित्व का विषय बताते हुए सभी नागरिकों, समाजसेवियों एवं संस्थाओं से सहयोग की अपील की। महापौर श्रीमती शारदा सोलंकी ने कहा कि गौशाला में गौवंश की संख्या बढ़ाने एवं अन्य आवश्यक संसाधनों की पूर्ति हेतु कृषि मंत्री के माध्यम से पशुपालन मंत्री से अनुरोध किया जाएगा, ताकि यहां समुचित व्यवस्था की जा सके। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की यह मंशा है कि मध्यप्रदेश देश के कुल दुग्ध उत्पादन में 20 प्रतिशत तक का योगदान दे। इसी लक्ष्य की प्राप्ति हेतु प्रदेश में गौसंवर्धन और पशुपालन को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है। देवरी की यह गौशाला इस दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है। कलेक्टर श्री लोकेश कुमार रामचन्द्र जांगिड़ ने कहा कि शासन और प्रशासन की मंशा इस गौशाला को एक आदर्श मॉडल गौशाला के रूप में विकसित करने की है। उन्होंने ने कहा कि वर्तमान में गौशाला के लिए उपलब्ध भूमि के अतिरिक्त यदि और भूमि की आवश्यकता होती है, तो राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज शासकीय भूमि का औचित्य परीक्षण कर उसे गौशाला हेतु आवंटित किया जाएगा। इस संबंध में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी। कलेक्टर ने बताया कि गौशाला परिसर में जल संचयन और पशुओं की सुविधा के लिए तालाब निर्माण की भी योजना है, जिसे मनरेगा योजना के अंतर्गत पूर्ण कराया जाएगा। बाउंड्री वॉल के निर्माण हेतु आवश्यक राशि गौसंवर्धन बोर्ड के खाते में उपलब्ध है, जिसके लिए राज्य स्तर से स्वीकृति प्राप्त कर कार्य प्रारंभ किया जाएगा। साथ ही, परिसर में स्ट्रीट लाइट्स लगाने का कार्य सांसद निधि एवं विधायक निधि के माध्यम से किया जाएगा। यदि विकास कार्यों के दौरान किसी भी प्रकार की शेष आवश्यकताएं सामने आती हैं, तो उनकी पूर्ति जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) योजना के माध्यम से की जाएगी। कलेक्टर ने यह भी कहा कि शासन की मंशा इस गौशाला को केवल आश्रय स्थल तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि इसे एक सशक्त, आत्मनिर्भर और प्रेरणादायी मॉडल के रूप में विकसित करना है। इस दिशा में गौ आधारित उत्पादों जैसे गोकास्ट (हवन सामग्री), फिनाइल तथा अन्य उपयोगी उत्पादों का निर्माण और उनकी ब्रांडिंग की जाएगी, जिससे ग्रामीण आजीविका को भी बढ़ावा मिल सके। इस कार्य में आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के सहयोग से स्थानीय महिलाओं और स्व-सहायता समूहों को भी जोड़ा जाएगा। कलेक्टर ने बताया कि आगामी 25 अक्टूबर को एक राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें प्रदेश की अन्य सफल मॉडल गौशालाओं के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। वे अपने अनुभव साझा करेंगे, जिससे देवरी गौशाला के विकास में नई दिशाएं प्राप्त होंगी। कलेक्टर ने यह स्पष्ट किया कि शासन और समुदाय के बीच की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है, और जब सरकार एवं समाज एकजुट होकर कार्य करते हैं, तो परिणाम धरातल पर स्पष्ट रूप से दिखाई देते हैं। कलेक्टर ने आशा व्यक्त की कि आने वाले एक-दो वर्षों में यह गौशाला प्रदेश के लिए एक उदाहरण बनेगी, जिसे देखने और सीखने अन्य जिलों से लोग आएंगे। शासन, प्रशासन एवं स्थानीय समुदाय के समन्वित प्रयासों से यह संभव किया जाएगा। कार्यक्रम के उपरांत कृषि मंत्री और सांसद ने पौधरोपण किया और गौसेवकों का सम्मान किया। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री कमलेश कुमार भार्गव, नगर निगम आयुक्त श्री सतेन्द्र धाकरे, एमआईसी सदस्य डॉ. योगेन्द्र मावई, पार्षदगण, गणमान्य नागरिक एवं देवरी गौशाला से जुड़े पदाधिकारी मौजूद थे।