भावांतर योजना किसानों का भविष्य बदलने का काम करेगी -राज्यमंत्री लखन पटैल
दमोह l सम्पूर्ण प्रदेश में यलो मोजेक से खराब फसलों की राहत राशि प्रदेश में पहली बार किसानों को मुख्यमंत्री जी ने मुआवजा दिया। यह मुख्यमंत्री जी की संवेदनशीलता हैं, इन चीजों को लेकर आज तीसरी बार राहत की राशि डाली हैं। इस आशय के विचार प्रदेश के पशुपालन एवं डेयरी विभाग राज्यमंत्री लखन पटेल ने आज स्थानीय पीएमश्री शासकीय ज्ञानचंद्र श्रीवास्तव महाविद्यालय में भावांतर योजना के तहत आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला में व्यक्त किये।
राज्यमंत्री श्री पटेल ने कहा जो भाव का अंतर होगा वही भावांतर होगा। मुख्यमंत्री जी से निवेदन किया गया था भावांतर योजना प्रदेश में प्रारंभ की जाये। अगर किसी का अभी कोई सुझाव हो तो बताया जाये, यह महत्वाकांक्षी और किसान हितैषी योजना हैं, यह योजना किसानों का भविष्य बदलने का काम करेगी, योजना बहुत अच्छे से संचालित हो सभी को मिलकर प्रयास करना हैं, यह हम सबकी जिम्मेवारी हैं। पंजीयन अवश्य कराएं ताकि इस योजना का लाभ सभी को मिल सके। उन्होंने कहा मॉडल रेट के सबंध में मुख्यमंत्री जी से चर्चा की जायेगी, मॉडल रेट जिले में तय हो, इसका प्रयास किया जायेगा। उन्होंने कहा तुलाई समय से हो अधिकारी इस बात का ध्यान रखें ताकि किसान अपने घर जल्दी जा सकेगा। पंजीयन कॉउंटर ज्यादा से ज्यादा हो जिस दिन किसान फसल बेचे उसी दिन उसकी इंट्री हो जाये ताकि किसान को दूसरे दिन दुबारा ना आना पड़े, इस बात का भी ध्यान रखा जाये।
राज्यमंत्री श्री पटेल ने जिलेवासियों, प्रदेशवासियों को दीपावली की शुभकामनाए देते हुए कहा दीपावली मंगलमय, शुभ हो, समृद्वि और सुकून लेकर आए, आपकी तरीक्की हो, ऐसी मंगल कामना करता हूँ।
पिछड़ा वर्ग कल्याण अयोग के अध्यक्ष डॉ. रामकृष्ण कुसमरिया ने कहा भावांतर योजना से किसानों के जीवन में खुशहाली आयेगी। यदि हमारा किसान खुश रहेगा, तंदुरूस्त रहेगा, अच्छी पैदावार करेगा तो हम सभी संकटो का सामना आसानी से कर सकते है। एक समय था कि अमेरिका ने हमको ऐसा गेंहॅू भेजा था कि पशु तक उसको नहीं खाते थे, ऐसे संकटों से हमारा देश उभरा है और आज हम खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर है, यह हमारी किसानों की मेहनत का ही परिणाम है।
उन्होने कहा कि ग्राम स्तर पर इस योजना की निगरानी का कार्य करना पड़ेगा ताकि किसानों का पंजीयन ठीक तरीके से हो जाये। कोई किसान वंचित न रहे यह सारी व्यवस्था करनी पड़ेगी और मंडी में किसानों के लिए सारी व्यवस्था सुनिश्चित की जाये जिससे किसानो को किसी भी तरह से कठिनाईयों का सामना न करना पड़े।
जनपद अध्यक्ष प्रीति कमल ठाकुर ने कहा भावांतर योजना का व्यापक प्रचार किया जाना बहुत आवश्यक है, जिससे किसान इसको लेकर जागरूक हों और इस योजना का लाभ उठा पायें क्योंकि रजिस्ट्रेशन का समय थोड़ा कम है, इसलिए योजना का सोशल मीडिया व अन्य इलेक्ट्रानिक्स माध्यम से प्रचार हम और आप करें।
जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे ने कहा प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जितने भी प्रशासन के तंत्र, संगठन इस योजना की कड़ाई से निगरानी भी करेगी और इस योजना को सफल बनाने का काम भी करेंगे। उन्होंने कहा कि किसान बहुत भावुक, मृदुभाषी होता है, उनका कोई गलत फायदा न उठाये । उन्होंने प्रशासन से अपील करते हुये कहा आपके जितने भी मापदंड है, उसका उपयोग किसानों के हित के लिए हो।
हरिशचंद्र पटेल जिलाध्यक्ष किसान मोर्चा ने कहा कि यह भावांतर भुगतान योजना 2017 की है और इस योजना को प्रारंभ कराने में राज्यमंत्री श्री पटेल का बहुत बड़ा योगदान था। यह योजना आज पुन: शुरू हुई है इसमें भी राज्यमंत्री श्री पटेल की महती भूमिका है, मैं सभी किसानों को बहुत-बहुत धन्यवाद ज्ञापित करता हॅू, यह योजना किसानों के लिए बहुत ही लाभदायक और कारगर योजना है, पिछले अनुभवों से सबक लेते हुए इस बार योजना में अमूल -चूल परिवर्तन किये गये है, पहले इस योजना में किसानों को नगद भुगतान होता था और केवल अंतर की राशि उनके खातों में ट्रांसफर होती थी इस बार से सभी राशि पूर्णत: किसानों के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जायेगी।
व्यापारी संघ अध्यक्ष नरेंद्र बजाज ने कहा यह बहुत ही महत्वाकांक्षी योजना है, हमने उस समय भी बहुत सहयोग किया था, मैं यह विश्वास दिलाता हॅू कि इस योजना को सफल बनाने में व्यापारियों के द्वारा भरसक प्रयत्न किया जायेगा, इसमें जो भी त्रृटि या कमी होगी साथ में बैठकर हल निकालेंगे।
श्रीराम पटेल जिलाध्यक्ष भारतीय किसान मोर्चा ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को समर्थन मूल्य दिलाना है, इस योजना का किसानों को पूर्ण लाभ मिले और बिचौलिये किसानो का फायदा न उठा पाये इसलिए सतत् निगरानी की बहुत आवश्यकता है।
इस आयोजित सोयाबीन फसल के लिए भावांतर योजना की जिला स्तरीय कार्यशाला में सहायक संचालक कृषि जे एल प्रजापति ने सोयाबीन खरीफ-भावांतर भुगतान योजना, योजना का उद्देश्य, भावांतर का लाभ, पंजीयन अवधि, पंजीयन, विक्रय अवधि, मंडी प्रांगण में प्रक्रिया, मॉडल रेट निर्धारण, विक्रय की अधिकतम पात्रता का निर्धारण, भावांतर राशि की गणना एवं भुगतान पर विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की। साथ ही उन्होंने भावांतर पर तैयार की गई प्रश्नोतरी पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत की जिसमें इस योजना के सबंध में कई तरह के प्रश्न ओर उनके उत्तर दिए गए थे। इस दौरान मौजूद कृषकों के द्वारा किए गए प्रश्नों का समाधान कारक उत्तर दिया गया।



