मल्चर, मक्का की नरवाई के लिए बहुत ही बेहतर कृषि यंत्र है
छिंदवाड़ा जिले के चौरई विकासखंड के ग्राम हथिनी के किसान श्री दिलीप सिंह चौहान के यहां उन्नत कृषि यंत्र मल्चर का प्रदर्शन उपसंचालक कृषि छिंदवाड़ा कृषि वैज्ञानिकों के टीम के साथ निरीक्षण किया यह देखा गया कि छिंदवाड़ा जिले में जहां लगभग चार लाख हेक्टर में मक्का की फसल होती है वहां पर मल्चर मक्का की नरवाई प्रबंधन के लिए बहुत ही बेहतर कृषि यंत्र है मल्चर से मक्का की नरवाई को टुकड़े-टुकड़े में करके मिट्टी में मिला दिया जाता है जिससे वह खाद के रूप में मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ती है और साथ-साथ नरवाई में आग लगने की समस्या से निजात मिलता है पर्यावरण का नुकसान भी नहीं होता कृषि अभियांत्रिकी से 86000 अनुदान पर खरीदा है किसान ने मल्चर जिसमे कृषक अंश एक लाख नौ हज़ार रुपए किसान के लगेl इसकी विशेषता यह है कि यह कृषि यंत्र मल्चर 35 एचपी एवम 40 HP के ट्रेक्टर से चल जाता है जबकि सुपरसीडर/ हैपीसीडर के लिये 45 एचपी या उससे अधिक एचपी का ट्रेक्टर चाहिए होता है l प्रति घंटे ज़मीन के अनुसार एक से डेढ़ एकड़ ज़मीन की नरवाई का प्रबंधन हो जाता है एवं नरवाई जलाने की कोई समस्या नहीं रहती अतः जिले के समस्त किसान भाइयों से अपील की जाती है की इन उन्नत कृषि यंत्रों सुपर सीटर हैप्पी सीडर मल्चर आदि का उपयोग कर नवाई का प्रबंध करें एवं अपने मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बढ़ाएं पर्यावरण को बचाएं। निरीक्षण के दौरान उपसंचालक कृषि श्री जितेंद्र कुमार सिंह एसडीओ श्री नीलकंठ पटवारी कृषि वैज्ञानिक डॉ संत कुमार शर्मा वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी श्री उमेश पाटिल सहित किसान उपस्थित रहे ।



