बैतूल l कृषि अभियांत्रिकी विभाग बैतूल द्वारा ग्राम दनोरा में कृषक श्री गुलाबराव गलफट के खेत पर नरवाई प्रबंधन कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभाग द्वारा मल्चर यंत्र का फील्ड प्रदर्शन किया गया और कृषकों को नरवाई प्रबंधन के साथ-साथ अनुदान योजना की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।

            सहायक कृषि यंत्री डॉ. प्रमोद मीना ने कार्यशाला में बताया कि मल्चर यंत्र मक्का की कटाई के बाद खेत में बचे फसल अवशेषों को मिट्टी में मिला देता हैजिससे यह अवशेष प्राकृतिक खाद में परिवर्तित होकर मिट्टी की उर्वरकता बढ़ाते हैं। इस प्रक्रिया से खेत अगली फसल की बोनी के लिए अधिक उपजाऊ बन जाता है। साथ ही नरवाई जलाने की आवश्यकता समाप्त होती हैजिससे पर्यावरण प्रदूषण में कमी आती है। सहायक कृषि यंत्री डॉ. मीना ने कृषकों को जानकारी दी कि ई-कृषि अनुदान पोर्टल dbt.mpdage.org पर मल्चर यंत्र के लिए आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ है। इच्छुक कृषक 5500 की धरोहर राशि के डिमांड ड्राफ्ट के साथ आवेदन कर सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान विभाग द्वारा कृषकों को नरवाई न जलाने के लिए प्रेरित किया गया।

            इस अवसर पर श्रीमती अल्का धुर्वेकृषि विस्तार अधिकारी श्री कोमल उइके एवं विभागीय कर्मचारी श्री इन्द्रभान सिंहश्री तुषार राठौरश्री प्रवीण विश्वकर्मामुकेश गलफटगोरा देशमुखदिलीप यादव और बनवारी यादव सहित क्षेत्र के कृषक कार्यक्रम में शामिल हुए।