पश्चिम बंगाल में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पार्टी की बैठक के बुला रही है जिसमें 50 से अधिक विधायक जा ही नहीं रहे हैं l अभी हाल ही में उन्होंने दो विधायकों को पार्टी से निकला है, माना जा रहा है कि पार्टी के भीतरी करीब 40 से 50 विधायक ऐसे हैं जो  तृणमूल कांग्रेस पर अपना अधिकार जताकर ममता बनर्जी के हाथों से तृणमूल कांग्रेस को छीन सकते हैं l दरअसल मामले की शुरुआत तब होती है जब बंगाल की राजनीति में अभिषेक बनर्जी की एंट्री होती है। अभिषेक बैनर्जी का रसूख इतना रहा कि अंदर ही अंदर विधायको और सांसदों में नाराजगी बढ़ती गई परंतु वे ममता बनर्जी के डर से खामोश रहे लेकिन अब वे  समझ चुके हैं कि ममता बनर्जी उनको नुकसान पहुंचाने की स्थिति में नहीं है यही वजह है कि न सिर्फ 40 से 50 विधायक बल्कि 20 से 25 सांसद भी ऐसे हैं, जो ममता बनर्जी से पीछा छुड़ाना चाह रहे हैं l ऐसे में यह सब मिलकर तृणमूल कांग्रेस पर अपना दावा ठोक सकते हैं और तृणमूल कांग्रेस को कब्जा सकते हैं l हालत ठीक वैसे ही बना रहे हैं जैसे कभी महाराष्ट्र में सत्ता में रहने के बावजूद उद्धव ठाकरे के साथ बने थे l अब देखना यह है कि ममता बनर्जी अपनी पार्टी को बचा पाएगी या नहीं या फिर खुद कोई नई पार्टी बनाएगी ।l  सुनने में यही आ रहा है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में कुछ ही दिनों के अंदर बहुत बड़ा भूचाल आने वाला है l