मध्यप्रदेश पुलिस का काम बोलता है
भोपाल l 'देश भक्ति - जन सेवा' पुलिस महकमें का मूल मंत्र है इसके बल पर पुलिस का पूरा तंत्र चलता है । प्रदेश के हर थाने और चौकियों पर बड़े-बड़े अक्षरों में लिखा यह मंत्र या नारा यह याद दिलाता है कि पुलिस कर्म सेवा भाव का ही पर्याय है । कभी आमजन की नजर में पुलिस की छवि क्रूर हुआ करती थी लेकिन यदि इक्का - दुक्का अपवाद को छोड़ दें तो मध्य प्रदेश पुलिस की छवि में परिवर्तन आया है। सदियों से बनी दबंग छवि एवं कानून व्यवस्था को बनाए रखने की जिम्मेदारी ने पुलिस को जनता से दूर कर दिया था। पुलिस सेवा को सेवा सिद्ध करने की कवायदें अब तेज हुई हैं । पुलिस, जनता संबंध एवं अन्य तरह के नवाचारों के माध्यम से पुलिस की छवि को सुधारने की कोशिशें पिछले कुछ समय में बहुत तेज हुई हैं। पुलिस की छवि सुधारने और पुलिस सेवा को जनोन्मुख बनाने के लिए मध्य प्रदेश पुलिस के मुखिया डीजीपी कैलाश मकवाना हर स्तर पर प्रयास कर रहे हैं और उनके प्रयासों के अपेक्षित नतीजे भी जमीन पर दिखाई दे रहे हैं। स्वयं डीजीपी कैलाश मकवाना का मानना है कि पुलिस अधिकारियों में यह कर्तव्य बोध हो कि जनता उनसे बिना डरे अपनी समस्या बता सके और उनकी मौजूदगी में खुद को सुरक्षित महसूस करें ना कि असुरक्षित । पुलिस की कार्य शैली में आए सकारात्मक बदलाव फिर चाहे वह सिविल पुलिसिंग के दौरान हो या फिर कानून व्यवस्था को व्यवस्थित करने की कोशिश। कभी पुलिस दो पाटों के बीच फंसी हुई नजर आती थी जहाँ एक और अपराधों के नियंत्रण की चुनौती तो दूसरी ओर ऐसा करने के लिए उठाए गए कदमों पर राजनैतिक अंकुश, यह दबाव पुलिस को यथोचित स्वतंत्रता देने से रोकते हैं और यही अपराध बढ़ने का एक कारण भी बनते हैं लेकिन मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने पुलिस को फ्री हैंड दे रखा है, स्वयं मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव खुले मंच से ऐलान करते हैं कि किसी भी अपराधी को बख्शा ना जाए । मुख्यमंत्री डॉ. यादव का दो टूक कहना है कि अपराधी कितना ही रसूखदार हो कानून सबके लिए बराबर है। कानून की नजर में अधिकारी- कर्मचारी और आमजन सभी एक समान है, जो भी गलती करेगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी और जो अच्छा काम करेगा उसे पुरस्कृत किया जाएगा । ऐसे अनेकों उदाहरण है जिनमें मध्य प्रदेश पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों तक के खिलाफ कायमी होने के साथ-साथ,उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई भी की गई हैं। पुलिस पर पुलिस द्वारा की गई कार्रवाईयां भी नजीर बन रही हैं । सीधा संदेश यही है कि पुलिस अधिकारी और कर्मचारी भी यदि गलत कार्य करेंगे तो दंडित होंगे। वहीं दूसरी तरफ बेहतर काम करने वाले पुलिस अधिकारी-कर्मचारी पुरस्कृत भी किए जा रहे हैं। डीजीपी कैलाश मकवाना समय-समय पर पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को अच्छे कामों पर प्रोत्साहन राशि प्रदान कर उनका हौसला भी बढ़ाते हैं । अभी हाल ही में एक विधायक को सीपीआर देकर उनके प्राणों की रक्षा करने वाले PSO को मध्य प्रदेश सरकार ने कैबिनेट में फैसला लेकर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया है और उन्हें 50,000 की राशि भी प्रदान की गई थी। वास्तव में पुलिस कर्म सेवा का पर्याय है और मध्य प्रदेश पुलिस यह साबित भी कर रही है। अभी हाल ही में राजगढ़ जिले के ब्यावरा में आयोजित मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के कार्यक्रम के दौरान एक बार फिर पुलिस की संवेदनशीलता देखने को मिली । इस कार्यक्रम में एक दिव्यांग व्यक्ति अपनी कुर्सी तक पहुंचने की कोशिशों के दौरान परेशान हो रहा था, तब इंस्पेक्टर भागीरथ शाक्य की नजर उस पर पड़ी, उन्होंने बिना किसी झिझक के उस दिव्यांग व्यक्ति को गोद में उठाकर पंडाल में लगी कुर्सी तक पहुंचाया, इस दृश्य को देखकर लोगों ने पुलिस इंस्पेक्टर की जमकर सराहना की । पुलिस की इस संवेदनशीलता और मानवीय चेहरे ने यह संदेश दिया है कि सेवा का अर्थ सिर्फ कर्तव्य निभाना ही नहीं है बल्कि मानवता के प्रति सम्मान जताना भी है। यह इकलौता उदाहरण भर नहीं है, ऐसे कई मामले हैं जिनमें मध्य प्रदेश पुलिस ने संवेदनशीलता, सतर्कता और मानवीय दृष्टिकोण से सेवा के नए प्रतिमान स्थापित किए हैं। राज्य भर में पुलिस न केवल कानून व्यवस्था को दुरुस्त बनाए रखे हुए हैं बल्कि संकट की हर घड़ी में रक्षा कर समाज को एक सकारात्मक संदेश भी दे रही है। मध्य प्रदेश पुलिस अब कानून व्यवस्था की संरक्षक ही नहीं बल्कि मानवीय मूल्यों की संवाहक भी बन रही है। मध्य प्रदेश पुलिस पूरे प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई कर रही है। मामला चाहे साइबर ठगी का हो,चाहे नशे के कारोबार का हो, चाहे मोबाइल चोरी या वाहन चोरी का हो,अवैध हथियारों का हो, गौवंश तस्करी का हो, डकैती का हो, जुआं-सट्टा फड़ संचालन का हो, अवैध शराब के परिवहन, विक्रय या निर्माण का हो या फिर बच्चों की गुमशुदगी का हो... मध्य प्रदेश पुलिस अब तकनीकी दक्षता के मामले में भी किसी से कम नहीं है । बीते पचास दिनों में पूरे प्रदेश में लगभग एक करोड़ बीस लाख रुपए की राशि साइबर ठगी के शिकार लोगों को तकनीकी साधनों की सहायता से सुरक्षित वापस कराई गई है । साइबर ठगी के इन मामलों में ठगी की राशि साइबर ऑन एप सहित विभिन्न प्लेटफॉर्मों के माध्यम से ट्रांजैक्ट की गई थी । पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग समन्वय, ऑनलाइन ट्रेसिंग, सी- डैक प्लेटफॉर्म और साइबर क्राइम पोर्टल की सहायता से यह राशि पीड़ितों के खातों में वापस कराई है । वहीं साइबर अपराधों में उपयोग किए जाने वाली लगभग 2204 फर्जी सिम कार्ड भी जप्त किए गए हैं। डीजीपी कैलाश मकवाना का कहना है कि किसी भी संदिग्ध लिंक या काल के माध्यम से अपनी बैंकिंग जानकारी कभी भी साझा ना करें। साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें। नशे के खिलाफ लंदन में शपथ दिलाकर पूरे देश और दुनिया को 'नशे से दूरी है जरूरी' का संदेश देने वाली मध्य प्रदेश पुलिस ने बीते एक माह में ही लगभग 83 लाख 95 हजार मूल्य के गांजा, स्मैक, अफीम, डोडा चूरा और एमडीएमए जैसे अवैध मादक पदार्थ एवं तस्करी में प्रयुक्त वाहन जप्त किए हैं। कई बड़े तस्कर पुलिस की गिरफ्त में हैं । नशे के विरुद्ध चल रही मध्य प्रदेश पुलिस की यह मुहिम समाज में स्वस्थ वातावरण का निर्माण कर नई पीढ़ी को नशे से दूर रखने के संकल्प को सशक्त बना रही है । मध्य प्रदेश पुलिस ने अभी हाल ही में लाखों रुपए की विस्फोटक सामग्री भी जप्त की है, वहीं मोबाइल चोरी और वाहन चोरों पर भी बड़ी और कड़ी कार्रवाई हुई है। प्रदेश भर में लगभग महंगी कीमत वाले 1450 मोबाइल रिकवर कर लोगों को वापस दिलाए गए हैं जिनकी कीमत एक करोड़ रुपए से भी अधिक है। वहीं बीते कुछ दिनों में ही लगभग 118 महंगी बाइक जप्त कर पुलिस ने वाहन चोरों के बड़े गिरोह को पकड़ा है और लोगों को उनकी महंगी बाइक वापस दिलाई जा रही हैं। डिजिटल तकनीकी के अभिनव प्रयोग से मध्य प्रदेश पुलिस ने ना सिर्फ आम नागरिकों की खोई हुई संपत्ति वापस लौटाई है बल्कि गुमशुदगी/अपहरण के मामलों में भी मध्य प्रदेश पुलिस ने डिजिटल तकनीकी की सहायता से ही बड़ी तेजी से गुमशुदा/अपहृत बच्चों को तलाशने में सफलता प्राप्त की है। थाने में गुमशुदगी/अपहरण की शिकायत आते ही पूरा पुलिस महकमा सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साधनों के माध्यम से गुमशुदा/अपहृत बच्चों को सफलतापूर्वक खोजने में सफल हो रहा है। पूरे प्रदेश भर में न सिर्फ अवैध हथियार पकड़े जा रहे हैं बल्कि अवैध हथियारों की निर्माण की जड़ों बड़ी से बड़ी हथियार फैक्ट्रियों को नष्ट किया जा रहा है ,अवैध हथियारों के खिलाफ मध्य प्रदेश पुलिस की विशेष मुहिम जारी है। राज्य ही नहीं बल्कि अंतरराज्यीय गिरोहो का भी भंडाफोड़ किया जा रहा है। गौवंश तस्करों के खिलाफ प्रदेश भर में सतत् और सशक्त अभियान चलाया जा रहा है । बीते दो माह में लगभग 853 गौवंश को मुक्त कराया गया है और तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। अवैध शराब के विक्रय ,परिवहन और निर्माण के खिलाफ भी प्रदेश भर में कड़ी कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश भर में बीते कुछ दिनों में ही लगभग दो करोड़ चालीस लाख से अधिक मूल्य की अवैध शराब जब्त की गई है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई भी की गई है इसी तरह अवैध जुआ-सट्टा फड़ संचालित करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है बीते कुछ दिनों में ही एक करोड़ से अधिक की राशि जप्त कर जुआ-सट्टा फड़ संचालित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है । जस्ट डायल के माध्यम से करोड़ों की ठगी करने वाले अब सलाखों के पीछे हैं वहीं मध्य प्रदेश पुलिस खेलों के माध्यम से भी पूरे देश में मध्य प्रदेश का नाम रोशन कर रही है। अभी हाल ही में आंध्र प्रदेश के अमरावती में आयोजित ऑल इंडिया पुलिस गेम्स 2025 में मध्य प्रदेश पुलिस के अधिकारियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए गोल्ड, ब्रांज और सिल्वर मेडल हासिल कर मध्य प्रदेश पुलिस का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।



