संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने राष्ट्रध्वज फहराकर ली परेड की सलामी
दमोह जिले में गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) बड़े हर्षोउल्लास और धूमधाम के साथ मनाया गया। देश की आन-बान-शान का प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा, जिले भर में शान से लहराया। मुख्य समारोह स्थानीय स्टेडियम मैदान में आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने मुख्य अतिथि के रूप में प्रात: 9 बजे राष्ट्रध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। उन्होंने कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर, पुलिस अधीक्षक श्रुतकीर्ति सोमवंशी सहित परेड कमाण्डर रक्षित निरीक्षक अभिनव साहू के साथ सलामी परेड का निरीक्षण किया। इस मौके पर राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने हर्षोउल्लास के प्रतीक रंगीन गुब्बारे गगन में मुक्त किये। राज्यमंत्री श्री लोधी ने माला पहनाकर और साल श्रीफल भेंट कर लोकतंत्र सेनानियों का सम्मान किया।
मुख्य अतिथि प्रदेश के संस्कृति, पर्यटन, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का प्रदेश की जनता के नाम संदेश का वाचन किया। संदेश में भारत के 77 वें गणतंत्र दिवस के मंगल अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ। आज राष्ट्र के जन-गण-मन में देशभक्ति और देश के लिए गर्व का भाव सशक्त हो रहा है। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व-गुण के फलस्वरूप यह संभव हुआ है। आज संपूर्ण विश्व में भारत की गरिमा बढ़ रही है। इस पावन अवसर पर मैं भारत माता की आज़ादी के लिए हँसते-हँसते सूली चढ़ने वाले अमर शहीदों के चरणों में विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ। यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने राष्ट्र का कुशलतापूर्वक नेतृत्व करते हुए पूरे विश्व में श्रेष्ठ छवि बनाई है। भारत को पूरी दुनिया में सम्मान की नजर से देखा जा रहा है। हमारे देश की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। खेती किसानी करने वाले भाईयों के जीवन में मुस्कान लाने के लिए बहुआयामी प्रयास किए गए। मध्यप्रदेश में वर्ष 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। हमारा प्रदेश आने वाले समय में देश की दुग्ध राजधानी बनेगा। पशुपालन का कार्य किसानों और पशुपालकों के लिए लाभ का माध्यम बने इसके लिए बहुमुखी प्रयास किए जा रहे हैं।
मछली उत्पादन के बेहतर प्रबंधन से प्रदेश को विशेष श्रेणी में उत्कृष्ट पुरस्कार मिला। मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में हमारा प्रदेश आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर है और निजी भागीदारी भी बढ़ रही है। डेढ़ लाख से अधिक मत्स्य पालकों को किसान क्रेडिट कार्ड दिए जा चुके हैं। उद्योग संवर्धन नीति में वर्ष 2025-26 में 1 हजार 522 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता प्रदान की गई है। शासन के इस सहयोग से उद्यमियों का हौसला बढ़ा है। मध्यप्रदेश में छोटे और मझौले उद्योगों के विकास कीअपार संभावनाएँ मौजूद हैं। यदि उद्यम सफल हो जाए तो वह साधारण से व्यक्ति को भी सक्षम बना देता है और जहाँ सक्षम व्यक्ति उद्योग लगा ले तो उस क्षेत्र के विकास का नक्शा ही बदल जाता है। उद्योग हमारे लिए मंदिरों के समान हैं, जो रोज़गार रूपी आशीर्वाद देते हैं। प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों के सुनियोजित विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। इन्दौर और भोपाल मेट्रोपोलिटिन क्षेत्र के रूप में विकसित होंगे। द्वितीय चरण में जबलपुर और ग्वालियर भी मेट्रोपोलिटिन क्षेत्र बनेंगे। इस पहल से छोटे कस्बे और नगर परस्पर जुड़कर विकास की गतिविधियों को तीव्र करने में सहायक होंगे। मध्यप्रदेश देश का पहला ऐसा राज्य है जहाँ एक ही साल के अंदर दो प्रमुख शहरों में मेट्रो रेल सेवा शुरू हुई। इंदौर में 31 मई 2025 और भोपाल में 20 दिसंबर 2025 को मेट्रो रेल सेवा प्रारंभ हुई।
नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाएँ प्रदान करना प्राथमिक कार्य है। राज्य में शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों की संख्या 19 और निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की संख्या 14 है। वर्ष 2028 तक छह नए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय प्रारंभ करने का लक्ष्य है।
आयुष शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इस वर्ष तीन आयुर्वेद महाविद्यालय प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। खंडवा और भोपाल में आयुष और आयुर्वेद अस्पताल के भवन निर्माण को मंजूरी दी गई। मध्यप्रदेश में वेलनेस टूरिज्म को प्रोत्साहित करने के लिए 12 नए हेल्थ केंद्र प्रारंभकिए जा रहे हैं।
समारोह में मार्च पास्ट रहा आकर्षण का केन्द्र
इस अवसर पर सशस्त्र और नि:शस्त्र बल की टुकड़ियों ने कदमताल करते हुये मार्च पास्ट किया। सशस्त्र बलों ने तीन बार हर्ष फायर कर राष्ट्रपति जी की जय का गगनभेदी जयघोष किया। राष्ट्रधुन बजाई गई।
सांस्कृतिक कायक्रमों की प्रस्तुति
स्कूली छात्रों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। इसी प्रकार सांदीपनि स्कूल पथरिया, गुरूनानक स्कूल, जवाहर नवोदय विद्यालय हटा, डीपीएस विद्यालय दमोह, महर्षि विद्या मंदिर दमोह ने एक से बढ़कर एक मनमोहक कार्यक्रम प्रस्तुत किये।
श्रेष्ठ कार्यो के लिए अधिकारी-कर्मचारी हुए सम्मानित
राज्यमंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी ने श्रेष्ठ और सराहनीय कार्यो और योजनाओं में उपलब्धि हासिल करने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को सम्मानित किया। पुलिस विभाग के अधिकारी और पुलिस कर्मी भी इस दौरान सम्मानित हुए। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिये भी समाज के लोगों को सम्मानित किया ।
झांकिया आर्कषण का केन्द्र रही
इस अवसर पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी आकर्षण का केन्द्र रही। इसमें शिक्षा विभाग को प्रथम, 1000 लाईव्स् (1000 जिंदगी) को द्वितीय और कृषि विभाग को तीसरा पुरूस्कार मिला। इसमें स्वास्थ्य, जिला पंचायत, महिला एवं बाल विकास विभाग, जल संसाधन, जनजातीय विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग, वन मण्डल, तकनीकी शिक्षा विभाग, जल जीवन मिशन तथा उद्यानिकी, खाद्य प्रसंस्करण विभाग शामिल रहे।
ये रहे मौजूद
समारोह में प्रधान जिला न्यायाधीश सुभाष सोलंकी, विशेष न्यायाधीश उदय सिंह मरावी सहित अन्य न्यायाधीशगण, पूर्व वित्तमंत्री एवं विधायक जयंत कुमार मलैया, जिला पंचायत अध्यक्ष रंजीता गौरव पटैल, उपाध्यक्ष जिला पंचायत मंजू धर्मेन्द्र कटारे, भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम शिवहरे, भावसींग मासाब, पूर्व सांसद चंद्रभान सिंह, विद्यासागर पाण्डे, अमित गोलू बजाज, महेश पटैल, रजनी ठाकुर, संजय यादव, प्रिंस जैन, वन मंडलाधिकारी ईश्वर जरांडे एवं श्रीमती जरांडे, सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे, पुलिस अधीक्षक की धर्मपत्नी मैत्री सिंह, अखिलेश हजारी, रमन खत्री, आलोक गोस्वामी, राघवेन्द्र सिंह परिहार, संजय सेन, भरत यादव, एडीशनल कलेक्टर मीना मसराम, एडीशनल एसपी श्री सुजीत सिंह भदौरिया, एसडीएम आरएल बागरी, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष मालती आसाटी, मुन्ना लाल सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिकगण, लोकतंत्र सेनानी, सम्मानीय पत्रकारगण, अधिकारीगण और महिलायें, छात्र-छात्रायें उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन विपिन चौबे, डॉ. आलोक सोनवलकर, श्री सुनील वेजेटेरियन एवं सुषमा जैन द्वारा किया गया।



