एक ऐसा विधानसभा क्षेत्र जहां नेता पार्टी से भी बड़ा होता है

सतना जिले की मैहर विधानसभा देश और दुनिया में मैहर की देवी मां शारदा तथा आल्हा उदल जलाशय के कारण प्रसिद्ध हैl यह करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र हैl इस तीर्थ स्थान में वर्ष भर लोगों का देवी मां के मंदिर में आना लगा रहता है lपिछले कुछ चुनाव पर नजर दौड़ाए तो उत्तर प्रदेश से लगे इस विधानसभा क्षेत्र में नेता पार्टी से भी बड़ा होता हैl पिछले कुछ विधानसभा चुनाव पर नजर दौड़ाई तो हम देखते हैं कि 1998 में कांग्रेस के वृंदावन बढ़गईया ने भाजपा के मोतीलाल तिवारी को पराजित किया था ,2003 में नारायण त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी के टिकट पर बहुजन समाज पार्टी के वीरेंद्र कुशवाहा को हराया था ,2008 में वापस मोतीलाल तिवारी ने भाजपा के टिकट पर कांग्रेस प्रत्याशी मथुरा प्रसाद पटेल को हराया था, इस चुनाव में नारायण त्रिपाठी को भी हार का सामना करना पड़ा था, 2013 में कांग्रेस प्रत्याशी नारायण त्रिपाठी ने जीत दर्ज की थी l उनके भाजपा की सदस्यता लेने के बाद हुए उपचुनाव में वे भाजपा प्रत्याशी के रूप में भी जीते और 2018 के विधानसभा चुनाव में भी नारायण त्रिपाठी ने भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की l मैहर विधानसभा क्षेत्र ब्राह्मण और पटेल बाहुल्य है l ब्राह्मण वोट इस विधान सभा क्षेत्र में निर्णायक माना जाता है l उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे होने के कारण यहां समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी का भी प्रभाव देखा जाता हैl वर्तमान में नारायण त्रिपाठी यहां से भाजपा के विधायक हैं परंतु इस बार वे अलग विंध्य प्रदेश की मांग कर रहे हैं और अपनी स्वयं की राजनैतिक पार्टी बनाकर 30 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़ा करेंगे, ऐसी संभावना है कमलनाथ सरकार के दौरान भी नारायण त्रिपाठी का झुकाव उनकी सरकार की तरफ ही रहाl अब देखना यह है कि नारायण त्रिपाठी यदि अपनी नई पार्टी बनाकर चुनाव लड़ते हैं तो वे इस विधानसभा क्षेत्र में भाजपा ,कांग्रेस ,समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी से कैसे मुकाबला कर पाएंगेl