बजट में महिला सशक्तिकरण और बाल कल्याण को मिला ऐतिहासिक बढ़ावा
भोपाल l मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में महिला एवं बाल विकास विभाग को अभूतपूर्व प्राथमिकता देते हुए 26 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि की है। महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि यह बढ़ोतरी केवल वित्तीय विस्तार नहीं, बल्कि प्रदेश की माताओं, बहनों और बच्चों के जीवन में ठोस परिवर्तन का संकल्प है।
मंत्री सुश्री भूरिया ने बताया कि मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना 2023 के अंतर्गत ₹23,883 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जो महिलाओं को आर्थिक संबल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होगा। वहीं, आंगनवाड़ी सेवाएं (सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0) के लिए ₹3,863 करोड़ तथा लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए ₹1,801 करोड़ का प्रावधान कर बेटियों की शिक्षा और सुरक्षा को सशक्त आधार दिया गया है।
प्रदेश में कुपोषण उन्मूलन और मातृ-शिशु स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए न्यूनतम आवश्यकता कार्यक्रम अंतर्गत विशेष पोषण आहार योजना के लिए ₹1,150 करोड़ तथा पोषण अभियान (एनएनएम) के लिए ₹250 करोड़ निर्धारित किए गए हैं। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (पीएमएमवीवाई) – मिशन शक्ति सामर्थ्य के लिए ₹387 करोड़ का प्रावधान कर गर्भवती एवं धात्री माताओं को सुदृढ़ सहायता सुनिश्चित की गई है।
बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने की दिशा में आंगनवाड़ी केन्द्रों के भवन निर्माण हेतु ₹337 करोड़ की राशि स्वीकृत की गई है। महिला एवं बाल कल्याण संचालनालय के लिए ₹561 करोड़ का प्रावधान प्रशासनिक और क्रियान्वयन क्षमता को सशक्त करेगा। इसके साथ ही, जरूरतमंद बच्चों के संरक्षण के लिए नॉन-इंस्टीट्यूशनल केयर (स्पॉन्सरशिप एवं फॉस्टर केयर) हेतु ₹168 करोड़ तथा समेकित बाल संरक्षण योजना (आईसीपीएस) – मिशन वात्सल्य के अंतर्गत ₹115 करोड़ की राशि निर्धारित की गई है।
मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि यह बजट समावेशी विकास की अवधारणा को साकार करता है, जिसमें महिला सशक्तिकरण, पोषण सुरक्षा, बाल संरक्षण और सामाजिक न्याय को एकीकृत दृष्टिकोण से आगे बढ़ाया गया है। उन्होंने कहा कि 26 प्रतिशत की बजट वृद्धि से स्पष्ट है कि राज्य सरकार महिला एवं बाल विकास को नीति-निर्माण के केंद्र में रखकर भविष्य की पीढ़ियों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
मंत्री सुश्री भूरिया ने कहा कि यह बजट प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा के दायरे को व्यापक बनाते हुए ‘नारी शक्ति’ और ‘बाल समृद्धि’ को विकास की मुख्य धारा में स्थापित करने की दिशा में एक सशक्त कदम माना जा रहा है।



