मंडला जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगतिजमीनी स्तर पर आ रही चुनौतियों की विस्तृत समीक्षा के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने मंडला में समीक्षा बैठक ली।

            मंत्री श्रीमती उइके ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत निर्मित पेयजल योजनाओं को पंचायतों को हस्तांतरित किए जाने के बाद उनका प्रभावी संचालन एवं नियमित अनुरक्षण अत्यंत आवश्यक हैताकि ग्रामीण क्षेत्रों में निरंतरसुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण जलापूर्ति बनी रहे। उन्होंने पंचायतों की भूमिकास्थानीय सहभागिता और तकनीकी सहयोग को जलापूर्ति व्यवस्था की स्थिरता का आधार बताया। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा गया कि ग्रीष्मकाल को ध्यान में रखते हुए कहीं भी पेयजल संकट उत्पन्न न होइसके लिए अभी से ठोस और समन्वित कार्ययोजना पर अमल किया जाए।

            उन्होंने बैठक में निर्देशित किया कि जिले में समर्पित कंट्रोल रूम तैयार कर 24×7 निगरानी सुनिश्चित की जाए। सूचना तंत्र को सशक्त बनाएं। शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए हेल्पलाइनडिजिटल माध्यमों को सक्रिय किया जाए। संभावित जल संकट वाले क्षेत्रों की पहचान कर वैकल्पिक स्त्रोतटैंकर व्यवस्था और मरम्मत कार्य समय से पूरे किए जाएं। संचालन एवं रखरखाव के लिए पंचायत स्तर पर क्षमता निर्माणप्रशिक्षण और तकनीकी सहायता दी जाए। फील्ड स्तर की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा कर जिम्मेदारी तय की जाए।

            मंत्री श्रीमती उइके ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी पेयजल योजनाएं पूर्ण क्षमता से संचालित रहेंलीकेजब्रेकडाउन की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई हो और जल गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन किया जाए। बैठक में ईईपीएचई श्री मनोज भास्करइंजीनियरसब इंजीनियरजल संसाधन के उपयंत्री सहित पीएचई विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।