नरसिंहपुर l पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि गौवर्धन पूजन हमारी प्राचीन संस्कृति का अहम हिस्सा है, जिसके माध्यम से हम गौ माता का संरक्षण और उनकी सुरक्षा के दायित्वों का निर्वहन करते हैं। सभी गौ सेवक व गौ पालक गौवंशों को बाहर खुला न छोड़ें, घर या गौशालाओं में रखें और उनकी सुरक्षा व देखभाल करें। मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल बुधवार को नरसिंहपुर जिले के गौशाला बहोरीपार में आयोजित जिला स्तरीय गोवर्धन पूजन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। गौवर्धन पूजन में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति नीलेश काकोड़िया, विधायक श्री महेंद्र नागेश, पूर्व राज्यमंत्री श्री जालम सिंह पटेल, श्री रामसनेही पाठक, कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह, पुलिस अधीक्षक डॉ. ऋषिकेश मीणा, जिला पंचायत सीईओ श्री गजेंद्र सिंह नागेश, डॉ. अनंत दुबे, श्री सुनील कोठारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी- कर्मचारी, गौ सेवक और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। मंत्री श्री पटेल ने गौशाला बहोरीपार में गौवर्धन पूजन कर गौ माताओं को खीर व पुड़ी खिलाई।

      मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने बताया कि गोबर खाद में भूमि को उपजाऊ बनाने वाले पोषक तत्व मौजूद रहते हैं, गोबर खाद का उपयोग करने से बंजर भूमि भी उपजाऊ हो जाती है, इसलिए किसान भाई अपने खेतों में गोबर खाद का उपयोग करें। गोबर खाद के उपयोग से भूमि की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी और फसलों की पैदावार अधिक होगी। उन्होंने कहा कि गौ माता का हमारे जीवन में अत्यधिक महत्व है। हमें गौवंशों की नियमित रूप से देखभाल, सुरक्षा व उपचार करना चाहिए। उनके लिए चारा, भूसा, पानी व साफ- सफाई का प्रबंध करना जरूरी है, जिससे उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि गौशालाओं के लिए दान करने वाले दानदाता भी गौशालाओं में आकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें, इससे गौशालाओं की व्यवस्थाओं में सुधार होगा। उन्होंने बताया कि गौशाला के लिए शासन द्वारा अनुदान राशि भी प्रदान की जाती है, जिससे गौशालाओं का संचालन बेहतर तरीके से किया जा सके।

      मंत्री श्री पटेल ने कहा कि मृत गौवंशों का भी पूरे सम्मान के साथ अंतिम संस्कार करना चाहिए। इस दौरान उनके स्मरण में एक फलदार पौधा भी लगाना चाहिए। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा गौवंशों के उपचार के लिए एम्बुलेंस भी संचालित की जा रही है। गौवंशों के बीमार होने या दुर्घटना होने पर उनके उपचार के लिए शीघ्र ही एम्बुलेंस को सूचित करें, जिससे उनका समय पर सफल उपचार हो सके। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि गौशालाओं में दूध, दही व घी का व्यवसाय भी किया जाए। उन्होंने गौशालाओं में गोबर से कंडे बनाकर उनका विक्रय करने की सलाह दी। इससे गौशालाओं को अतिरिक्त आमदनी होगी। उन्होंने मुक्तिधाम में लकड़ी के स्थान पर कंडों से अंतिम संस्कार को बढ़ावा देने की बात कही। जिले की सभी गौशालाओं के लिए सड़क, चारागाह, पानी, बिजली व सुरक्षा का बंदोबस्त करने के निर्देश दिए, जिससे गौशालाओं में आना- जाना व अन्य व्यवस्थाएं दुरूस्त रहे। मंत्री श्री पटेल ने जिले के दानदाताओं से आग्रह किया कि गौशालाओं के लिए चारा- भूसा अवश्य दान करें। जिले के सभी नागरिक गौवंश की सुरक्षा का भी शपथ लें। कार्यक्रम को विधायक श्री महेन्द्र नागेश, श्री रामसनेही पाठक व कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने भी संबोधित किया।