कोई हाथों से इतिहास रचता है लेकिन रविता ने पैरो से रच दिया इतिहास
सीधी l दिव्यांगजनों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और संकल्प का अद्भुत उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब संभागीय स्तर पर आयोजित “पर्पल फेयर” में जिला सीधी के विद्यार्थियों ने अपनी कला से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। यह आयोजन 06 फरवरी 2026 को अटल बिहारी सामुदायिक भवन, वार्ड क्रमांक 42, बिलीजी, बैढ़न (सिंगरौली) में सम्पन्न हुआ।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सीधी की रविता केवट रहीं, जिन्होंने अपने पैरों से पेंटिंग कर यह सिद्ध कर दिया कि दृढ़ इच्छाशक्ति के आगे कोई भी शारीरिक सीमा बाधा नहीं बन सकती। उनकी कलाकृति ने दर्शकों सहित मंचासीन अतिथियों को भी भावुक कर दिया। इसी क्रम में मानसी मिश्रा, जिनके दोनों पैर नहीं हैं, ने नृत्य कला के माध्यम से प्रभावशाली प्रस्तुति दी। रविता और मानसी पूरे कार्यक्रम में आकर्षण का केन्द्र रहीं और सीधी जिले को संभागीय स्तर पर विशेष पहचान दिलाई।
कार्यक्रम में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्रीमती राधा सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। उन्होंने सीधी के दिव्यांग विद्यार्थियों के आत्मबल, संघर्ष और प्रतिभा की खुले मंच से सराहना करते हुए उन्हें समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
जिला सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, सीधी द्वारा कुल 10 दिव्यांग प्रतिभागियों को इस संभागीय आयोजन में सहभागिता हेतु भेजा गया था। संपूर्ण सहभागिता का सफल संचालन उप संचालक सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग श्री सागर जैन के मार्गदर्शन में किया गया, जिनके निर्देशन एवं प्रशासनिक समन्वय से प्रतिभागियों का चयन, सहभागिता एवं व्यवस्थाएं सुचारु रूप से सम्पन्न हुईं।
कार्यक्रम में प्रतिभागियों के साथ सतत सहयोग, मार्गदर्शन एवं आवागमन की समुचित व्यवस्था में ट्रांसडिसिप्लिनरी स्पेशल टीचर श्री शिवांसु शुक्ला (जिला दिव्यांग पुनर्वास केन्द्र, सीधी) एवं श्री दीपक रावत की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके संवेदनशील सहयोग से दिव्यांग विद्यार्थियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में सीडब्ल्यूएसएन हॉस्टल मधुरी के विद्यार्थियों तथा देवव्रत ग्राम विकास शिक्षा समिति, सीधी के कुशल केवट द्वारा दिए गए प्रेरक भाषण ने उपस्थित जनसमूह को दिव्यांगजनों की क्षमताओं, अधिकारों एवं सामाजिक सहभागिता के प्रति जागरूक किया।
विद्यार्थियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन से यह सिद्ध हुआ कि सीधी जिले के दिव्यांगजन किसी भी मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाने में पूर्णतः सक्षम हैं। यह आयोजन दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता एवं सकारात्मक सामाजिक दृष्टिकोण को सुदृढ़ करने की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल साबित हुआ।


