जब सड़क पर आ गए डॉक्टर, स्कूल, होटल और मैरिज गार्डन संचालक..
छतरपुर l नगरपालिका परिषद द्वारा कचरा संग्रहण शुल्क में की गई भारी बढ़ोतरी के खिलाफ शहर के विभिन्न वर्गों में आक्रोश है। मेडिकल क्षेत्र, होटल, मैरिज हाउस, स्कूल-कॉलेज संचालकों सहित शहरवासियों ने आज कलेक्टर कार्यालय में नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर इस फैसले का विरोध किया और तत्काल सुधार की मांग की है,पिछले वर्ष जहां घरेलू या छोटे स्तर पर कचरा शुल्क मात्र 500 रुपये प्रतिवर्ष था, वहीं अब इसे 60,000 रुपये तक बढ़ा दिया गया है। कुछ संस्थाओं पर तो 1 लाख 20 हजार रुपये तक का बोझ डाला गया है। प्रदर्शनकारियों होटल मालिक भगवत अग्रवाल का कहना है कि यह वृद्धि किसी भी रूप से न्यायसंगत नहीं है और इसे जजिया कर की संज्ञा दी जा रही है,वही डॉ. एमपीएन खरे ने बताया कि नगर पालिका ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, अस्पतालों, दुकानों और घरों से कचरा एकत्रित करने के नाम पर यह अतिरिक्त कर थोप दिया है। उन्होंने कहा, महंगाई बढ़ रही है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि कर की दरों में इतनी जबरदस्त वृद्धि की जाए। हम इस आदेश के तुरंत वापस लेने की मांग करते हैं। यदि ऐसा नहीं हुआ तो छतरपुर की जनता सड़कों पर उतरकर नगर पालिका का विरोध करेगी,वही होटल मालिक भगवतशरण अग्रवाल ने कहा कि पहले होटलों से मासिक 500 रुपये का चार्ज लिया जाता था, लेकिन अब वार्षिक 60 हजार रुपये कर दिया गया है।



