यूपी में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को इस्तीफा दिए जाने के बाद अब सस्पेंड कर दिया गया है l उनके खिलाफ विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं lअलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफे के बाद डीएम आवास पर बंधक बनाए जाने का भी आरोप लगाया था, जिसे प्रशासन ने बेबुनियाद बताया है l निलंबन अवधि में उन्हें जीवन निर्वाह भत्ता मिलेगा l अलंकार अग्निहोत्री ने यह भी दावा किया कि लखनऊ से आए एक फोन कॉल में दूसरी तरफ मौजूद व्यक्ति ने आपत्तिजनक टिप्पणी की l उन्होंने कहा कि फोन पर कथित तौर पर कहा गया कि ब्राह्मण के बहुत दिमाग खराब हो रहे हैं, इसे यहीं बिठा लो l  उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपनी जान बचाकर वहां से निकलना पड़ा l इन आरोपों के बाद प्रशासन पर सवाल खड़े होने लगे और पूरे प्रदेश में इस प्रकरण की चर्चा शुरू हो गई lअलंकार अग्निहोत्री ने आधी रात करीब 12:30 बजे अपना अधिकतर सामान सरकारी आवास से निकलवा लिया lइसके बाद वे खुद भी कार में बैठकर किसी अज्ञात स्थान की ओर चले गए हालांकि, प्रशासनिक नियमों के अनुसार उन्हें अभी सिटी मजिस्ट्रेट का विधिवत चार्ज हैंडओवर करना बाकी है इसी कारण यह माना जा रहा है कि उन्हें एक-दो दिन और बरेली में रहना पड़ सकता है, ताकि औपचारिकताएं पूरी की जा सकें lउन्होंने कहा कि वे यूजीसी के नए नियमों और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों के साथ हुई कथित घटनाओं से आहत हैं l उनका कहना है कि यूजीसी के नए नियमों से सामान्य वर्ग, विशेषकर स्वर्ण समाज के बच्चों का भविष्य खतरे में पड़ सकता है l उन्होंने आरोप लगाया कि इन नियमों के जरिए सामान्य वर्ग के छात्रों को संदिग्ध या अपराधी की तरह देखा जा रहा है, जिससे ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य और भूमिहार समाज के छात्र प्रभावित होंगे l