रायसेन- जहां एक ओर विकास की दौड़ में हरियाली अकसर पीछे छूट जाती है, वहीं रायसेन में सामाजिक संगठन की पहल ने इस चलन को उलटने का साहसिक कार्य किया है। ‘बस एक कदम और... सोशल वेलफेयर फाउंडेशन’ एवं रायसेन जिला विकास समिति द्वारा सड़क किनारे कदंब वृक्षारोपण का अभियान न केवल आकार ले रहा है, बल्कि सराहना भी बटोर रहा है।

   प्रतिदिन एक वृक्ष लगाकर समाज में पर्यावरण के प्रति जागरूकता का संदेश देने वाले केंद्रीय कृषि मंत्री  शिवराज सिंह चौहान 
की नज़र शनिवार को जब कदंब के कतारबद्ध वृक्षों पर पड़ी, तो वे भी सराहना किए बिना ना रह सके,
"ऐसा वृक्षारोपण कार्य सचमुच अद्भुत है।"
उनकी यह टिप्पणी सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि अभियान के जनसहयोग और सतत प्रयासों की सार्वजनिक मान्यता मानी जा रही है।

यह वृक्षारोपण केवल सरकारी तंत्र या एनजीओ की रस्म अदायगी नहीं, बल्कि आम नागरिकों, महिलाओं, विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों के सम्मिलित श्रम का नतीजा है। गड्ढे किए गए, वृक्ष लाए गए, कीचड़ में पैर धंसे और हरियाली बोई गई।

इस पहल में खास बात यह भी रही कि वृक्ष सजावटी नहीं, बल्कि पारंपरिक और पर्यावरण हितैषी कदंब जैसे वृक्षों को चुना गया— जो न सिर्फ छांव देते हैं बल्कि पक्षियों और जैव विविधता के लिए भी उपयोगी माने जाते हैं।

कदंब का वृक्ष इस अभियान में प्रतीक बनकर उभरा—एक ऐसे प्रतिरोध का प्रतीक जो कांक्रीट के जंगल के खिलाफ खड़ा है।

अब सवाल यह नहीं कि कितने वृक्ष लगे, बल्कि यह है कि कितने बचे रहेंगे। यह भी देखना होगा कि यह अभियान मौसमी नहीं, स्थायी हरियाली की ओर बढ़ता कदम बने। फिलहाल, शिवराज सिंह चौहान जैसे वरिष्ठ नेता की ओर से मिली प्रशंसा ने कार्यकर्ताओं का हौसला जरूर बढ़ाया है।

और हां...जब अगली बार रायसेन आएं, तो सड़क किनारे मुस्कराते कदंब के वृक्षों को देखकर आप भी कहेंगे—
"बस एक कदम और... सही दिशा में था!"