मंडला l लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्रीमती संपतिया उइके ने कहा कि माताओंबहनों को हमारे समाज में शक्ति का रूप माना जाता है। हमारे समाज की यह परंपरा रही है कि यत्र नार्यस्तु पूज्यंतेरमंते तत्र देवताः’ इसी भाव को लेकर शासन ने साहस जेंडर जस्टिस लैब जैसा कार्यक्रम शुरू किया है। प्रदेश में केवल दो जिलों में यह कार्यक्रम शुरू किया गया है जिसमें हमारा जिला भी शामिल किया गया है। अभी यह कार्यक्रम पायलट बेसिस पर लिया गया है। मंत्री श्रीमती उइके ने साहस जेंडर जस्टिस लैब कार्यक्रम की लोकार्पण कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही।

          मंत्री श्रीमती उइके ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि एक छोटे से गांव से निकलकर स्व-सहायता समूह में जुड़नापंचायत का सरपंच बननाजिला पंचायत सदस्य की भूमिकाजिला पंचायत अध्यक्ष का दायित्वराज्यसभा सदस्य के रूप में काम करना और आज आपके सामने प्रदेश शासन के मंत्री के रूप में सेवा करना एक लंबा सफर रहा है। यह कभी भी आसान नहीं होतारास्ता लम्बा एवं कठिन अवश्य है लेकिन असंभव कुछ भी नहीं। हमारी संवेदनशील केन्द्र तथा राज्य की सरकारों के जन कल्याणकारी कार्यक्रमों के जरिये आज महिलाएं न सिर्फ आगे बढ़ रही है वरन विभिन्न क्षेत्रों में अपना नाम कमा रही हैं। उन्होंने इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन के लिए स्काई सोशल संस्था की सराहना करते हुए कहा कि जनजातीय बाहुल्य क्षेत्रों में इस तरह के कार्यक्रमों को ग्रामीण स्तर पर क्रियान्वित करना चुनौतीपूर्ण होता है लेकिन संस्था द्वारा स्थानीय स्व-सहायता समूह की महिलाओंफ्रंटलाईन वर्कर्स और अन्य समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से बेहतर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने उपस्थित महिलाओं से आहवान किया कि आप सभी अपने हक और अधिकारों को पहचानें एवं इस कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करें।

          कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संजय कुशराम ने कहा कि सभ्य समाज में जेंडर आधारित भेदभाव तथा महिला हिंसा का कोई स्थान नहीं है। मातृ शक्ति को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहते हुए अपने हक और अधिकार के लिए स्वयं आवाज उठानी होगी। यदि हम महिला सशक्तिकरण की बात करते हैं तो निश्चित रूप से महिलाओं का अधिकारों के प्रति जागरूक होना आवश्यक है। उन्होंने कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए आयोजक टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

          इससे पहले कार्यक्रम की रूपरेखा बताते हुए स्काई सोशल संस्था की फाउंडर सुश्री सृष्टि परगट ने बताया कि मध्यप्रदेश में मंडला तथा दमोह के साहस जेंडर जस्टिस लैब कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। इस चरण में यह कार्यक्रम 6 माह के लिए लागू किया गया है। चिन्हित ग्राम पंचायतों में बेसलाईन सर्वे के माध्यम से आंकड़े संकलित किए गए हैं। इसके बाद जेंडर आधारित विभिन्न गतिविधियों का ग्राम स्तर पर संचालन किया जा रहा है। सर्वे के अलावा ग्रामों का सेफ्टी ऑडिट भी किया जा रहा है। जिससे वहां की महिलाओं एवं किशोरी बालिकाओं द्वारा चिन्हित किए जा रहे कम सुरक्षित अथवा असुरक्षित क्षेत्रों की पहचान कर संबंधित विभागों तक जानकारी भेजी जा सके।

          साहस जेंडर जस्टिस लैब की यह कार्यशाला कमला पैलेस मेरीज गार्डन में स्काई सोशलमध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग एवं जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित की गई। इस दौरान नगरपालिका अध्यक्ष श्री विनोद कछवाहामहिला एवं बाल विकास विभाग के सहायक संचालक श्री रोहित बड़कुल व श्रीमती लीना चौधरीडीएसपी महिला शाखा श्री सतीश चतुर्वेदीजिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष श्री गजेन्द्र गुप्तावन स्टॉप सेंटर की प्रशासक सुश्री प्रेरणा मर्सकोलेपैरालीगल वॉलेंटियर श्रीमती शिखा श्रीवास्तवबाल कल्याण समिति के सदस्य सुश्री शशि पटेल व रजनी कछवाहास्काई सोशल के प्रशिक्षण सुश्री गार्गीसुश्री अरूणिमा तिवारीश्रीमती ज्योति श्रीवास्तव सहित संबंधित उपस्थित रहे।