नागदा l गुजरात के दाहोद से एक परिवार बेटी की अस्थियों के विसर्जन के लिए मेमू ट्रेन में सवार होकर उज्जैन आ रहा था। रतलाम में इनके कोच में अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े 8 से 10 युवक चढ़े। इन युवकों ने इस परिवार की महिलाओं के साथ अभद्रता शुरू कर दी। परिवार के एक बुजुर्ग ने विरोध किया तो बेल्ट से उनकी पिटाई शुरू कर दी। खाचरौद रेलवे स्टेशन पर इन युवकों ने अपने ओर भी साथियों के बुला लिया और महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट की। मारपीट करने वालों के कुछ साथी खाचरौद में ही स्टेशन पर उतर गए, जबकि कुछ नागदा तक आए। ट्रेन के पहुंचने पर हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारियों ने नागदा स्टेशन पर मोर्चा संभाल लिया। इसी बीच आरोपियों का साथ देने के लिए ओर भी कई लोग नागदा रेलवे स्टेशन के बाहर जमा हो गए। दोनों संप्रदाय के लोगों के आमने-सामने होने के कारण तनाव की स्थिति बन गई। हाल यह रहा कि भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठियां चलाना पड़ीं। स्टेशन पर लाठी फटकारे जाने की घटना के बाद नागदा कस्बे में भी इसका असर हुआ। बाजार ताबड़तोड़ बंद हो गया और अफवाहें चलने लगी, 15 दिन की अवधि में तराना के बाद नागदा दूसरा ऐसा कस्बा है, जहां शांति भंग करने की कोशिश की है। अभी तक पुलिस ने सात लोगों को गिरफ्तार किया है।