उज्जैन । कलेक्टर श्री रौशन कुमार सिंह के नेतृत्व एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती जयति सिंह के मार्गदर्शन में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कृषि विभाग, म. प्र. राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन एवं आत्मा परियोजना के समन्वय से स्व सहायता समूह से जुडी एवं उनके परिवार की महिलाओं को कृषि सखी कार्य हेतु 5 दिवसीय प्राकृतिक खेती विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन सोमवार को कृषि विज्ञान केंद्र में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत की उपस्थिति में किया गया।मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती जयति सिंह द्वारा बताया गया कि वर्तमान समय में हो रहे रसायनों के अत्यधिक उपयोग के दुष्प्रभाव और मृदा के स्वास्थ को पुनः सुचारु बनाए रखने के लिए प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। जिला अंतर्गत समस्त विकासखंड में कृषि सखियों की भूमिका अनुसार अधिक से अधिक कृषकों को जोड़कर अधिकतम किसानों को प्राकृतिक खेती का लाभ दिया जाए। साथ ही समस्त विकासखण्डों में प्राकृतिक खेती के साथ-साथ किसानों को लाभदायक गतिविधि, पशुपालन एवं मशरूम आधारित गतिविधियों से भी जोडा जाए, जिससे कृषकों की आय बढाने एवं स्व सहायता समूह सदस्यों को रोजगार के संसाधन उपलब्ध हो सके।श्रीमती जयति सिंह द्वारा बताया गया कि एक बगिया मां के नाम योजना के हितग्राहियों को भी प्राकृतिक खेती से जोड़ा जाए, ताकि आने वाले समय में ऑर्गेनिक क्षेत्रफल को बढ़ाया जा सके, प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण के समापन सत्र में कृषि विज्ञान केंद्र के प्रमुख डॉ. ए.के. दीक्षित, डॉ. रेखा तिवारी, डॉ. मौनी सिंह, डॉ. सविता कुमारी, आत्मा परियोजना संचालक श्री के एस कैन, उपसंचालक कृषि श्री यू.एस. तोमर एवं एनआरएलएम के जिला परियोजना प्रबंधक उपस्थित थे।