ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीएर स्टार्मर ने एपस्टीन विवाद पर पहले माफी मांगी थी। फिर अपनी पार्टी के सांसदों से समर्थन की अपील की थी और कहा था कि डेढ़ वर्ष ही बचे हैं। उन्हें कार्याकल पूरा कर लेने दें। हालांकि अब उनके सुर बदल गए हैं और उन्होंने एलान किया है कि वो पद नहीं छोड़ेंगे और विवाद पर आखिरी दम तक लड़ेंगे। पूर्व राजदूत पीटर मैंडेलसन और यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े विवाद के कारण उनकी सरकार घिर है। लेबर पार्टी के भीतर से ही विरोध बढ़ रहा है और नेतृत्व बदलने की आवाजें भी उठने लगी हैं।