दमोह सांसद राहुल सिंह लोधी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150 जयंती के मौके पर निकाली जा रही यात्रा के दूसरे चरण का शुभारंभ करते हुए एक सभा में कहा प्रधानमंत्री मोदी जो आज एक भारत, श्रेष्ठ भारत का संकल्प लेकर चल रहे हैं। वह 1950 में पूरा हो जाता, यदि सरदार वल्लभ भाई पटेल को देश का पहला प्रधानमंत्री बना दिया गया होता, लेकिन नेहरू को यह गवारा नहीं था और उन्होंने गांधीजी से बात करके खुद को प्रधानमंत्री बनवा लिया, जबकि सीडब्ल्यूसी की बैठक में 11 लोगों में से नौ लोगों ने सरदार पटेल को अध्यक्ष बनाने वोट दिया था। सभी को भली-भांति मालूम था कि जो कांग्रेस का अध्यक्ष ही आजाद भारत का पहला प्रधानमंत्री होता। लौह पुरुष सरदार पटेल ही वह व्यक्ति थे, जिन्होंने देश के आजाद होने के बाद खंड-खंड भारत को अखंड बनाने का काम किया और 500 से अधिक रियासतों को एक साथ जोड़कर अखंड भारत बनाया, लेकिन उसके बाद भी कांग्रेस ने सरदार पटेल को भारत रत्न नहीं दिया, लेकिन जब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार बनी तो सरदार पटेल को भारत रत्न देकर उनका सम्मान किया।